सुशासन तिहार बिहान योजना से महिला सशक्तिकरण को मिला बल तिरंगा आजिविका संगठन को मिला 60 हजार रुपये का चेक

अम्बिकापुर, 25 मई 2026/sns/-  राज्य शासन द्वारा मनाए जा रहे ’सुशासन तिहार’ के अवसर पर ग्रामीण अंचल की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में संचालित ’बिहान’ (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना ग्रामीण महिलाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। इसी योजना के तहत आजीविका संवर्धन के लिए महिलाओं को निरंतर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

इसी कड़ी में, उड़ूमकेला के ’तिरंगा आजीविका ग्राम संगठन’ से जुड़ी स्वयं सहायता समूह महिलाओं को सुशासन तिहार के विशेष अवसर पर माइक्रो क्रेडिट प्लान (एमसीपी) के माध्यम से 60,000 रुपये का चेक प्रदान किया गया। शासन की इस महती योजना का लाभ पाकर समूह की महिलाओं में भारी उत्साह है।

आजीविका के नए रास्ते तलाशेंगी समूह की महिलाएं
चेक प्राप्त होने के बाद सौम्या स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती चंद्रकांता ने अपनी खुशी और योजना की सराहना करते हुए बताया कि इस 60,000 रुपये की राशि को समूह की सभी दीदियों के बीच उनकी आवश्यकतानुसार प्रदान किया जाएगा। इस पूंजी का उपयोग महिलाएं आजीविका के विभिन्न कार्यों जैसे कृषि कार्य, उन्नत पशुपालन, और मछली पालन में करेंगी। इन छोटे-छोटे और लाभकारी उद्यमों से जुड़कर समूह की महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी, बल्कि गांव में स्वरोजगार की शुरुआत कर आर्थिक रूप से सशक्त होगी।

मुख्यमंत्री जी का जताया आभार
इस अवसर पर श्रीमती चंद्रकांता ने राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा, सुशासन तिहार में एमसीपी के माध्यम से हमें यह सहायता मिली है। इससे हम छोटे-छोटे कार्य करके अपनी आजीविका को बढ़ाएंगे और पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनेंगे। महिलाओं को सशक्त बनाने वाली इस ‘बिहान’ योजना के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं।

सुशासन से संवर रहा महिलाओं का जीवन
उल्लेखनीय है कि ’सुशासन तिहार’ के माध्यम से शासन की कल्याणकारी योजनाएं सीधे अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों तक पहुँच रही हैं। बिहान योजना के तहत मिल रहे मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग से आज प्रदेश की मातृशक्ति केवल घर की चारदीवारी तक सीमित न रहकर, कृषि और अन्य उद्यमों के माध्यम से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को  मजबूत बनाने में अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं।

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