आयोग ने ग्राहक के खाते से काटी गईं राशि बैंक से वापस दिलाई
बलौदाबाजार, 9 जून 2026/sns/- बैंक द्वारा ग्राहक के ओवर ड्राप्ट खाते से बिना जानकारी राशि काटे जाने एवं सिबिल स्कोर खराब करने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार द्वारा विरोधी पक्षकार बैंक को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए परिवादी के खाते से काटी गईं राशि में शेष राशि 87536 रूपये एवं उपभोक्ता को मानसिक शारीरिक क्षतिपूर्ति हेतु राशि 15000 तथा वाद-व्यय हेतु 7000 रूपये परिवादी को प्रदाय किये जाने का आदेश पारित किया गया।
प्राप्त जानकारी अनुसार भाटापारा निवासी बृजमोहन आनंद द्वारा विरोधी पक्षकार एक्सिस बैंक भाटापारा में ओ.डी. खाता हेतु आवेदन दिया था जिस पर 5 वर्ष की अवधि के लिए खाता जारी किया गया। 3 माह पूर्व परिवादी द्वारा नवीनीकरण हेतु आवेदन दिया गया परंतु बैंक द्वारा नवीनीकरण करने के स्थान पर उक्त अकाउंट को लॉक कर दिया गया तथा खाते से 372915 कंडोलेटेड व 9072 एक्स्ट्रा चार्ज बाबत राशि काटी गईं ब्याज राशि बाबत 197614 रूपये की कटौती की गईं। परिवादी द्वारा शिकायत करने पर नौ माह पश्चात् 99000 वापस खाते में जमा कर दिया गया परन्तु शेष राशि वापस नहीं दिया गया। परिवादी का सिबिल स्कोर भी खराब कर दिया गया जिससे परिवेदित होकर परिवादी द्वारा जिला उपभोक्ता बिबाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार में परिवाद प्रस्तुत किया गया।
आयोग के अध्यक्ष रंजना दत्ता एवं सदस्यगण हरजीत सिंह चांवला व शारदा सोनी ने पेश दस्तावेजों एवं संबंधित नियम आदि का सूक्ष्मता से अध्ययन कर पाया कि परिवादी द्वारा शेष राशि जमा किये जाने हेतु विरोधी पक्षकार से विभिन्न तिथियों में निवेदन किया गया परंतु राशि जमा नहीं किया गया है।आयोग द्वारा प्रेषित रजिस्ट्री लिफाफा को भी विरोधी पक्षकार के द्वारा लेने से इंकार किया गया।विरोधी पक्षकार द्वारा जवाबदावा एवं दस्तावेजों से परिवादी के परिवाद के तथ्यों का खंडन नहीं किया गया है इसलिए परिवादी का साक्ष्य अखंडनीय रहा है। विरोधी पक्षकार एक्सिस बैंक शाखा भाटापारा को सेवा में कमी का दोषी मानते हुये विरोधी पक्षकार को शेष राशि 87536 रूपये कटौती दिनांक से परिवादी के खाते में जमा दिनांक तक 6 प्रतिशत बार्षिक ब्याज की दर से आदेश दिनांक से 45 दिवस के भीतर प्रदान करेगा एवं मानसिक एवं शारीरिक क्षतिपूर्ति हेतु राशि 15000 तथा बाद-व्यय हेतु 7000 रूपये परिवादी को आदेश दिनांक से 45 दिवस के भीतर प्रदाय किये जाने का आदेश पारित किया गया है।