शांति सुरक्षा और समृद्धि की राह पर सुकमा

सुकमा, 17 जून 2026/sns/- छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव तथा सुकमा जिले के प्रभारी सचिव श्री राजेश सिंह राणा की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक उच्च स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति और सुशासन तिहार के आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों की चमक केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रत्यक्ष लाभ धरातल पर आम जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को टीम वर्क के साथ दोगुनी तेजी से कार्य करने की हिदायत देते हुए कहा कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कर्तव्य में लापरवाही करने पर सम्बंधित पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में कलेक्टर श्री अमित कुमार और एसपी श्री किरण चव्हाण भी उपस्थित थे।
पीएम आवास पूर्णता में सुकमा बस्तर संभाग में अव्वल
जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर द्वारा प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार, सुकमा जिला वर्तमान में नवाचार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रशासन के दूरदर्शी प्रयासों से जिले में इमली प्रसंस्करण, झींगा उत्पादन और “लखपति दीदी“ जैसी दूरगामी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। इतना ही नहीं, पीएम आवास योजना के तहत शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग सुनिश्चित करते हुए प्रतिदिन पूर्ण होने वाले आवासों के सूचकांक में सुकमा जिला पूरे बस्तर संभाग में प्रथम स्थान और राज्य में 6वें स्थान पर गौरवमयी बढ़त बनाए हुए है।
कुपोषण, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए बनेगा एक्शन प्लान
जिले की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को पूरी तरह बदलने के लिए प्रभारी सचिव ने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग को “मिशन मोड“ में काम करने के निर्देश दिए हैं। जिले से कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए, जबकि मलेरिया और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर लिया गया है। युवाओं के स्वर्णिम भविष्य के लिए प्रशासन अब उन्हें केवल शिक्षित ही नहीं, बल्कि रोजगारमूलक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करेगा। इसके साथ ही, रेशम पालन को बढ़ावा देने के लिए एक आधुनिक प्रसंस्करण यूनिट (वैल्यू एडिशन) स्थापित करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
समन्वित प्रयासों से पूरा होगा “विकसित छत्तीसगढ़“ का संकल्प
प्रभारी सचिव श्री राणा ने कृषि, उद्यानिकी, शिक्षा, लाइवलीहुड और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बेहतरीन कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि “विकसित भारत“ के बड़े संकल्प को सिद्ध करने के लिए सुकमा का विकसित होना अत्यंत अनिवार्य है। शासन की कल्याणकारी और नक्सल पुनर्वास नीतियों को विकास कार्यों से जोड़कर जिले में स्थायी शांति और विश्वास का वातावरण तैयार किया जा रहा है। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने प्रभारी सचिव को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन पूरी निष्ठा के साथ सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करेगा और सुकमा में विकास की गति को एक नई और तीव्र उड़ान देगा।

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