बदलेगी सुकमा के गांवों की सूरत

सुकमा, 22 जून 2026/sns/- जिले में शत-प्रतिशत विकास लक्ष्यों को हासिल करने और ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर श्री अमित कुमार की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिले को पूरी तरह खुले में शौच मुक्त बनाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने का ऐतिहासिक खाका खींचा गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि शेष बचे 267 ग्रामों में व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण ग्राम पंचायतों या स्वयं हितग्राहियों के माध्यम से युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा, ताकि दिसंबर 2026 तक सुकमा का हर गांव स्वच्छता के आदर्श श्मॉडल ग्रामश् के रूप में देश के सामने मिसाल पेश कर सके।
प्रशासन की इस दूरदर्शी मुहिम में पारदर्शिता और गति को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है। जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाते हुए “नियद नेला नार“ योजना सहित अन्य क्षेत्रों में स्वीकृत उन सामुदायिक स्वच्छता परिसरों को निरस्त करने की बात कही है, जिन पर 5 महीने बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका। इसके अलावा, बस्तर मुन्ने पोर्टल पर हर छूटे हुए परिवार की एंट्री सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों को आगामी 30 जून तक राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (NCAER) की रिपोर्ट का शत-प्रतिशत सत्यापन कर जनपद कार्यालय में जमा करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
ग्रामीणों के अपने घर के सपने को साकार करने के लिए “प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)“ की प्रगति की भी बारीकी से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों को तत्काल डीबीटी से लिंक कर पहली किस्त का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही को कतई बर्दाश्त न करते हुए प्रशासन ने खराब परफॉर्मेंस वाले 5 सचिवों को रोज़ाना जिला कार्यालय में हाजिरी लगाने का फरमान सुनाया है। साथ ही, आगामी 24 जून को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में “आवास प्लस 2.0“ के तहत स्थाई प्रतीक्षा सूची का पूरी पारदर्शिता के साथ वाचन और अनुमोदन करने को कहा गया है, जिससे कोई भी गरीब अपने हक से वंचित न रहे।
ग्रामीण रोजगार की रीढ़ “महात्मा गांधी नरेगा“ (मनरेगा) को लेकर भी प्रशासन ने कड़े और नीतिगत फैसले लिए हैं। बैठक में शून्य मानव दिवस सृजन वाली निक्रिय ग्राम पंचायतों के सचिवों को “कारण बताओ नोटिस“ जारी करने के आदेश दिए गए। शासन से मिले लक्ष्यों के अनुरूप रोजगार के अवसरों को बढ़ाने, बिना प्रगति वाले अनुपयोगी कार्यों को 3 दिनों के भीतर ग्रामसभा के प्रस्ताव से निरस्त करने और सभी प्रगतिरत कार्यों को तत्काल पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है। खासकर, अंदरूनी क्षेत्रों में संपर्क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले इंटरलॉकिंग रोड एवं शेड निर्माण कार्यों को आगामी 10 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने का संकल्प लिया गया है, जो सुकमा के बदलते स्वरूप को बयां करता है।

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