125 दिनों के रोजगार की गारंटी के साथ आगे बढ़ा सुकमा मजदूरी दर 300 रुपए प्रति दिवस
सुकमा, 02 जूलाई 2026/sns/- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल करते हुए ‘‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना’’ का भव्य शुभारंभ किया गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सुकमा के सभा कक्ष में आयोजित शुभारंभ सह सम्मेलन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इस योजना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में नई उम्मीदों का संचार किया। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और आजीविका के अवसरों का विस्तार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री महेश कुमार कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू, जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और पंचायत पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने योजना को ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर ने योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों और लाभों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तथा प्रति दिवस 300 रुपये की मजदूरी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। साथ ही कौशल विकास, वित्तीय सहायता और रोजगार आधारित गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण रहा, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने डिजिटल माध्यम से देखा। इस दौरान विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए रोजगार, आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण के नए आयामों पर चर्चा की गई। जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सुकमा के ग्रामीण अंचलों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी और समग्र विकास की दिशा में जिले को नई गति प्राप्त होगी।