’मोर गांव मोर पानी’ अभियान से सरगुजा में जल समृद्धि की नई इबारत
अम्बिकापुर, 09 जुलाई 2026/sns/- विकसित भारत जी-राम जी योजना के तहत संचालित ’मोर गांव मोर पानी’ अभियान अंतर्गत सरगुजा जिले में जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। अभियान के माध्यम से जल संकट के स्थायी समाधान, भू-जल स्तर में सुधार तथा ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।
अभियान के अंतर्गत जिले में 487 आजीविका डबरियों का निर्माण, 08 नवीन तालाबों का निर्माण तथा 95 सामुदायिक तालाबों के गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार का कार्य पूर्णता की ओर है। वर्तमान मानसून में इन सभी जल संरचनाओं में पर्याप्त जल भराव होने से जिले का जल परिदृश्य सकारात्मक रूप से बदलता दिखाई दे रहा है।
निर्मित आजीविका डबरियां ग्रामीण परिवारों के लिए आय के नए अवसर उपलब्ध करा रही हैं। इनका उपयोग मछली पालन, सब्जी एवं पुष्प उत्पादन सहित अन्य आजीविका गतिविधियों के लिए किया जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन भी हुआ है।
अभियान के तहत गहरीकरण किए गए 95 सामुदायिक तालाब एवं निर्मित 08 नवीन तालाब वर्षा जल के बेहतर संचयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे रबी फसलों की सिंचाई, पशुओं के लिए पेयजल उपलब्धता तथा भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही हैंडपंपों एवं कुओं के जलस्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है।
जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने कहा कि ’’मोर गांव मोर पानी अभियान केवल जल संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक गांव को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है। इस अभियान की सफलता में जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।’’
अभियान को सफल बनाने में ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी रही है। इन कार्यों से जहां स्थायी ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ है, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार एवं आर्थिक लाभ भी प्राप्त हुआ है। निर्मित जल संरचनाओं के नियमित संरक्षण एवं रखरखाव पर भी विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि इनका लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों को मिलता रहे।
वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण ही भविष्य की जल सुरक्षा का आधार है। ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के माध्यम से सरगुजा जिले को जल समृद्ध, हरित एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।