ऑनलाइन अटेंडेंस से मिलेगी सैलरी ई-ऑफिस से चलेगी हर फाइल

सुकमा, 28 जूलाई 2026/sns/- कलेक्टर श्री अमित कुमार ने मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जनसरोकार से जुड़े लंबित प्रकरणों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, सुशासन तिहार एवं पीजीएन पोर्टल के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता नागरिकों को समय पर राहत पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण करते हुए प्रत्येक आवेदन का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यालयीन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करें तथा शाम 5.30 बजे कार्यालय से प्रस्थान के समय भी ऑनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य रूप से दर्ज करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेतन का भुगतान ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर किया जाएगा। साथ ही सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करते हुए फाइलों का संपूर्ण मूवमेंट ऑनलाइन माध्यम से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही और अधिक मजबूत हो सके।
बैठक में कलेक्टर जनदर्शन एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों की समीक्षा के दौरान अधिक लंबित प्रकरण वाले विभागों के अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक कार्रवाई या कागजी निराकरण स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का समाधान आवेदक की संतुष्टि और शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप होना चाहिए। सुशासन तिहार के आवेदनों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्माण कार्यों को भी निर्धारित समय में पूर्ण करने तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब और लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी।
वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने विद्युत, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा सहित सभी संबंधित विभागों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर जनसमस्याओं के निराकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतों और मांगों का पारदर्शी, संवेदनशील एवं समयबद्ध समाधान ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाना तथा उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जनविश्वास को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

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