दुर्ग जिला अस्पताल में ₹4.85 करोड़ की लागत से बनेगा
दुर्ग, 30 जुलाई 2026/sns/- जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने आज जिला चिकित्सालय दुर्ग परिसर में सर्जिकल विंग प्रथम तल (फेस-2) के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस परियोजना पर 4 करोड़ 85 लाख 43 हजार रुपये की लागत आएगी। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्री श्याम शर्मा, छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, सिविल सर्जन डॉ. आशिष मिंज सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री ए.के. भट्टाचार्य एवं अन्य अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
7 आधुनिक पेइंग रूम और अत्याधुनिक सुविधाएं
भूमिपूजन के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने अवगत कराया कि नए भवन में 7 पेइंग रूम बनाए जाएंगे, जहां मरीजों और उनके परिजनों को निजी अस्पताल जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा दो वेटिंग हॉल, सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग, टीवी सहित आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जिला अस्पताल में पेइंग वार्ड नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी होती थी। अब डिलीवरी के बाद यदि कोई परिवार जच्चा-बच्चा को डॉक्टरों की निगरानी में सुरक्षित वातावरण में रखना चाहता है, तो उसे अलग पेइंग रूम की सुविधा उपलब्ध होगी। मंत्री श्री यादव ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले जिला अस्पताल में पेइंग वार्ड संचालित होता था, जहां शहर के कई परिवार अपने मरीजों और प्रसूताओं को भर्ती कराते थे। उस समय अलग किचन और अन्य विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध थीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों और प्रसव कराने आने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन पेइंग वार्ड की सुविधा समाप्त हो चुकी थी। सरकार बनने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से इस सुविधा को फिर शुरू करने की मांग की थी, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि नए पेइंग वार्ड में मरीजों को होटल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे वे अस्पताल परिसर में ही डॉक्टरों की निगरानी में सुरक्षित रह सकेंगे और परिजनों को भी बेहतर व्यवस्था मिलेगी। उन्होंने जल्द ही अस्पताल में अलग एमआरआई सेंटर तथा सीटी स्कैन सेंटर स्थापित किए जाने का आश्वासन दिया।