स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को उल्लास महाचौपाल कार्यक्रम का हुआ आयोजन

अम्बिकापुर, 17 अगस्त 2026/sns/-   कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के निर्देशानुसार उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के तत्वाधान में  15 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में उल्लास महा-चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी डाॅ. दिनेश कुमार झा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या 14 अगस्त को सरपंच/ग्राम प्रभारी के नेतृत्व में समुदाय, गांव के युवक-युवती, पुरूष, महिलाएं एवं बुजुर्गों को जोड़ते हुये उल्लास साक्षरता मोबाईल टाॅर्च रैली, उल्लास मशाल रैली, प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। साथ ही 15 अगस्त को ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक उल्लास शपथ, महाचौपाल और कहानियों का कारवां, मातृत्व साक्षरता, अंगूठा मुक्त पंचायत, डिजिटल साक्षरता और सेल्फी पाइंट, अंगूठे से कलम तक सम्मान समारोह, साक्षरता रंगोली और नुक्कड़ नाटक, उल्लास की घंटी, षिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण, उल्लास साक्षरता थीम पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिले के सभी विद्यालय परिसर में देशभक्ति, साक्षरता और जनजागरूता से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्र प्रेम की भावना को मजबूत करना रहा। आयोजन में शाला परिवार के साथ ग्रामीणों और स्वयंसेवी शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की शुरूवात तिरंगा रैली और उल्लास महाचैपाल जनजागरूकता रैली से हुई। हाथों में तिरंगा लेकर बच्चों और सहभागियों ने पूरे क्षेत्र में भ्रमण किया और लोगों को देशभक्ति, शिक्षा एवं साक्षरता का संदेश दिया। रैली के दौरान ग्रामवासियों को साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूक करते हुये अधिक से अधिक लोगों को साक्षरता अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। जन-जन तक शिक्षा का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से आकर्षक दीवार लेखन भी किया गया। वहीं हल्दी-चावल का पारंपरिक न्योता देकर ग्रामीणों और माताओं को साक्षरता अभियान में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया। इस पहल के माध्यम से अभियान को घर-घर तक पहुंचाने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया। जिले के सभी शाला परिवार के साथ-साथ ग्रामवासियों की इस अभियान में भागीदारी रही। इसमें समस्त ग्राम प्रभारी शिक्षक, संकुल समन्वयक, संकुल के प्राचार्य एवं कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, क्षेत्र की माताएं, स्वयंसेवी कार्यकर्ता तथा हाल ही में नवसाक्षर हुए लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

महा-चौपाल  कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों व अतिथियों ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है। यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम भी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी ने मिलकर शिक्षा और साक्षरता जागरूकता का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्जवलन सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। शाम के समय विशाल टाॅर्च रैली एवं मशाल रैली निकाली गई, जिसमें टाॅर्च की रोशनी के माध्यम से साक्षरता के अज्ञानता के अंधकार को दूर करने का संकल्प लिया गया। रैली में शामिल लोगों ने साक्षरता जागरूकता के प्रति समाज को प्रेरित किया। जिले के सभी विद्यालय परिवार ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाली सभी ग्रामवासियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी शिक्षकों और नवसाक्षरों के प्रति जिला परियोजना अधिकारी श्री गिरीश गुप्ता ने आभार व्यक्त किया एवं सभी से अपील की है कि आगामी सितम्बर माह में आयोजित होने वाले महापरीक्षा में उल्लास कक्षा में अध्ययनरत् सभी शिक्षार्थी शत प्रतिशत शिक्षार्थी आंकलन में सम्मिलित हो सकें।

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