खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा सतत प्रवर्तन कार्रवाई
महासमुंद, 17 अगस्त 2026/sns/- जिले में कलेक्टर श्री विनय कुमार के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए 1 अप्रैल 2025 से 17 अगस्त 2026 तक निरंतर प्रवर्तन कार्यवाही की गई। इस दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
अभिहित अधिकारी श्री उमेश कुमार ने बताया कि उक्त अवधि में कुल 149 प्रवर्तन नमूने लिए गए तथा 29 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 09 प्रकरणों में न्यायनिर्णयन अधिकारी द्वारा निर्णय पारित करते हुए कुल 16,66,000 का अर्थदण्ड आरोपित किया गया। वहीं 03 प्रकरणों में अपराधों के शमन हेतु कुल 40,100 की राशि संदत्त कराई गई। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के उल्लंघन में पाए गए 05 खाद्य पदार्थों को जिले में विक्रय हेतु प्रतिषिद्ध किया गया।
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक ‘बने खाबो, बने रहीबो 2.0 अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मिठाई दुकानों, बेकरी, नमकीन प्रतिष्ठानों सहित त्योहारों से संबंधित अन्य खाद्य कारोबारों की सघन जांच एवं निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित निर्माण एवं भंडारण, लेबलिंग तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के पालन की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रवर्तन एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें। खाद्य पदार्थ प्रतिष्ठित एवं अधिकृत दुकानों से ही खरीदें। पैकेज्ड खाद्य सामग्री लेते समय निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि, बैच नंबर, FSSAI लाइसेंस/पंजीयन तथा लेबल पर अंकित आवश्यक जानकारी अवश्य जांचें। नागरिक खुले में रखे, अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए गए अथवा संदिग्ध रंग, गंध या गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी खाद्य कारोबारियों से भी अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों का पूर्णतः पालन करें और उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध कराएं।