मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से युवाओं को मिल रहा रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर

कौशल प्रशिक्षण से रोजगार की राह आसान, लाइवलीहुड कॉलेज बन रहा युवाओं के सपनों का मंच

रायपुर ,18 अगस्त 2026/ युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से बलरामपुर जिले के लाइवलीहुड कॉलेज में युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे रोजगार प्राप्त करने के साथ स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में युवाओं को उनकी रुचि और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लाइवलीहुड कॉलेज युवाओं को कौशल, अवसर और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के प्रभावी केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है।

वेल्डिंग एवं जल संचालक-वितरण ट्रेड में प्रशिक्षण

वर्तमान में लाइवलीहुड कॉलेज में वेल्डिंग एवं जल संचालक-वितरण ट्रेड में प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। लगभग 30 प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी जानकारी के साथ उपकरणों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग तथा कार्य की व्यावहारिक बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को इस स्तर तक दक्ष बनाना है कि वे प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर भी तलाश सकें।

ट्रैक्टर मैकेनिक का नया बैच होगा प्रारंभ

बलरामपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और कृषि यंत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए आगामी दिनों में ट्रैक्टर मैकेनिक ट्रेड का नया बैच प्रारंभ किया जाएगा। इसमें युवाओं को ट्रैक्टर के रखरखाव, सर्विसिंग, तकनीकी खराबियों की पहचान और मरम्मत सहित अन्य आवश्यक व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इससे ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होने की संभावना बढ़ेगी।

प्रशिक्षण के साथ निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा

लाइवलीहुड कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को केवल कौशल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशिक्षणार्थियों के लिए निःशुल्क आवास एवं भोजन की व्यवस्था की गई है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले युवाओं को रहने और भोजन की चिंता से मुक्त होकर प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल रहा है।

युवाओं को इसके अलावा प्रशिक्षण के लिए आवश्यक उपकरण एवं संसाधन, प्रशिक्षण सामग्री तथा रोजगार और प्लेसमेंट से संबंधित मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है। व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को वास्तविक कार्यस्थल की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

287 युवाओं ने लिया प्रशिक्षण, 217 रोजगार से जुड़े

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत लाइवलीहुड कॉलेज में अब तक 287 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इनमें से 217 युवा रोजगार से जुड़ चुके हैं। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं का रोजगार से जुड़ना योजना की उपयोगिता और कौशल आधारित प्रशिक्षण की प्रभावशीलता को दर्शाता है। वहीं प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार शुरू करने वाले युवा अन्य प्रशिक्षणार्थियों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

प्रशिक्षणार्थियों के अनुभव में दिख रहा आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे श्री सुरेश कुमार ने बताया कि उन्हें योजना की जानकारी ग्राम पंचायत के माध्यम से मिली, जिसके बाद उन्होंने लाइवलीहुड कॉलेज में पंजीयन कराया। उन्होंने कहा कि पहले किसी विशेष कौशल के अभाव में रोजगार प्राप्त करने में कठिनाई होती थी, लेकिन प्रशिक्षण के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे अपने कौशल के आधार पर रोजगार तलाशने के साथ भविष्य में स्वरोजगार भी शुरू कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं को कौशल से जोड़ने की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी तरह प्लंबर ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे श्री कमल गुप्ता ने बताया कि उनके क्षेत्र में प्लंबिंग कार्य की अच्छी मांग है और उन्हें इस काम में रुचि भी थी, लेकिन तकनीकी प्रशिक्षण के अभाव में वे इसे व्यवस्थित रूप से नहीं कर पाते थे। लाइवलीहुड कॉलेज में उन्हें निःशुल्क आवास एवं भोजन के साथ प्रशिक्षण मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद वे अपने गांव में ही प्लंबिंग का कार्य शुरू कर आजीविका अर्जित करना चाहते हैं।

कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को उनके हुनर के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास जिले में नई संभावनाओं को जन्म दे रहा है। प्रशिक्षण, संसाधन, आवास, भोजन और रोजगार मार्गदर्शन जैसी सुविधाओं के साथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का बेहतर अवसर मिल रहा है।
[18/08, 19:13] Jansampark Manoj Sinh: जागरूकता ही सायबर ठगी से बचाव का कारगर उपाय – प्रभारी मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

कैबिनेट मंत्री द्वय श्याम बिहारी जायसवाल एवं टंकराम वर्मा सायबर जागृति अभियान मे हुए शामिल

सेल्फी से जागरूकता अभियान मे सक्रिय भागीदारी का दिया संदेश

रायपुर,18 अगस्त 2026/ ​
बलौदाबाजार भाटापारा जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मंगलवार को जिला प्रवास पर बलौदाबाजार पहुंचे। इस दौरान साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को डिजिटल फ्रॉड तथा ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान अंतर्गत ‘जागरूकता की एक सेल्फी” कार्यक्रम मे शामिल हुए। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल भी उपस्थित थे। उन्होंने अभियान के आधिकारिक क्यूआर कोड को स्कैन करके अपनी सेल्फी लेकर जागरूकता अभियान मे सक्रिय भागीदारी का सन्देश दिये।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल जितना आसान है उसके उतने ही खतरे भी हैं। वर्तमान मे सायबर फ़्रॉड तेजी से बढ़ रहा है जिसमें लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। साइबर फ़्रॉड से बचने के लिये जागरूकता ही सबसे बड़ा उपाय है। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशभर में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आम जनता को डिजिटल सुरक्षा के प्रति प्रेरित करने हेतु “जागरूकता की एक सेल्फी” पहल शुरू की गई है। इस जागरूकता अभियान से सभी सक्रियता से जुड़ें और लोगों को जागरूक करें।

राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन मे छतीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर फ़्रॉड से बचने के लिए जागरूकता लाने हेतु बहुत ही सराहनीय पहल की गई है ।इस अभियान से सभी जुड़ें और प्रदेश को साइबर अपराध मुक्त बनाने मे सहयोग करें।

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