वनांचल के बच्चों को मिलेगी हाईटेक शिक्षा
सुकमा, 16 अगस्त 2026/sns/- आदिवासी बाहुल्य सुकमा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत हुई है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर सुकमा में डिजिटल एंड्रॉयड एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम आधारित स्मार्ट कक्षाओं का भव्य शुभारंभ राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इस पहल से अब वनांचल के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, ऑडियो-वीडियो माध्यम और इंटरैक्टिव शिक्षण के जरिए महानगरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा।
शुभारंभ समारोह में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने विद्यालय की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए अधोसंरचना विकास के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को शिक्षा से जोड़ना आज की आवश्यकता है और ऐसे प्रयास दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका शोरी, नगर पालिका परिषद सुकमा के अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे और पार्षद श्री रंजीत बारठ, श्री रमेश कर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भारतीय संस्कृति, संस्कार और आधुनिक तकनीक के समन्वय को विद्यालय की इस पहल का आधार बनाया गया है। शबरी शिक्षण समिति के पदाधिकारियों के अनुसार स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को कठिन विषयों को दृश्य-श्रव्य एवं तकनीकी माध्यमों से सरलता से समझने का अवसर मिलेगा। AI आधारित शिक्षण व्यवस्था बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और डिजिटल कौशल विकसित करने के साथ उन्हें 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए तैयार करेगी।
इस अवसर पर शबरी शिक्षण समिति के अध्यक्ष श्री मनोज देव, उपाध्यक्ष श्रीमती भुवनेश्वरी यादव, कोषाध्यक्ष श्री सुरेन्द्र चांडक, व्यवस्थापक सह सचिव श्री ललित गांधी, प्राचार्य श्री किशोर कुमार यादव सहित प्रबंधकारिणी के सदस्य एवं विद्यालय परिवार मौजूद रहा। सुकमा जैसे वनांचल क्षेत्र में शुरू हुई यह पहल न केवल शिक्षा के बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश करती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर अवसरों तक पहुंच अब दूरस्थ अंचलों के बच्चों का भी अधिकार है।