सफल कुक्कुट उत्पादन एवं किसान सशक्तिकरण हेतु उल्लेखनीय प्रयास
बीजापुर, 19 अगस्त 2026/sns/- कड़कनाथ छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट देशी कुक्कुट नस्लों में से एक है। यह अपने विशिष्ट काले रंग, स्थानीय एवं कठोर परिस्थितियों में अनुकूलन क्षमता तथा गुणवत्तापूर्ण मांस के लिए प्रसिद्ध है। कड़कनाथ की इन्हीं विशेषताओं को देखते हुए इसे किसानों के लिए अतिरिक्त एवं टिकाऊ आय के संभावित स्रोत के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र, बीजापुर (पानारापारा) का उद्देश्य “हर किसान के घर कड़कनाथ” पहुँचाना है। इसी उद्देश्य से विभिन्न किसानों को कड़कनाथ के चूजे उपलब्ध कराए गए तथा उन्हें उचित ब्रूडिंग, फीडिंग, हाउसिंग, स्वास्थ्य प्रबंधन एवं वैज्ञानिक पालन तकनीकों के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कड़कनाथ मुर्गी के वैज्ञानिक पालन एवं बेहतर उत्पादन तकनीकों के प्रदर्शन एवं प्रसार हेतु दो Front Line Demonstration ¼FLDs½ तथा दो On&Farm Trials ¼OFTs½ भी स्थापित किए गए हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों को कड़कनाथ पालन की वैज्ञानिक तकनीकों, बेहतर प्रबंधन practices एवं इसकी उत्पादन क्षमता से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराया जा रहा है। इन सतत एवं समन्वित प्रयासों के माध्यम से वैज्ञानिक कुक्कुट प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण चूजा उत्पादन, बेहतर उत्पादकता तथा किसान स्तर पर तकनीक के प्रसार को बढ़ावा मिला है। भविष्य में इन प्रयासों को और अधिक किसानों तक पहुँचाते हुए कड़कनाथ उत्पादन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने तथा इसे एक sustainable, profitable , oa farmer & centric livelihood model के रूप में विकसित करने का प्रयास जारी रहेगा।
वैज्ञानिक कुक्कुट प्रबंधन से बेहतर उत्पादन, कड़कनाथ के प्रसार से किसान सशक्तिकरण तथा ‘हर किसान के घर कड़कनाथ’ के संकल्प के साथ आत्मनिर्भर एवं समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर एक सार्थक पहल।