बाढ़ आपदा से निपटने बालसमुंद जलाशय में किया मॉक ड्रिल
बलौदाबाजार, 20 अगस्त 2026/sns/- भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार बाढ़ आपदा से बचाव प्रशिक्षण हेतु गुरुवार को बालसमुंद जलाशय पलारी में जिला स्तर पर मॉक ड्रिल किया गया। इस मॉक एक्सरसाइज में एसडीआरएफ टीम, मेडिकल टीम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया। पहला अभ्यास भारी बारिश के कारण जलमग्न होने से एक टापू पर फंसे 5 ग्रामीणों की रेस्क्यू एवं दूसरा नदी में डूबते हुए ग्रामीण की रेस्क्यू का किया गया। इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी एवं अपर कलेक्टर ए. आर. टंडन सहित एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। भारी बारिश में टापू में फंसे होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन टीम द्वारा रेस्क्यू अभियान के लिए टीमों को मौक़े पर पहुंचने के निर्देश दिये गए। एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, राजस्व, मेडिकल सहित अन्य विभाग की टीम मौक़े पर पहुंचे। एसडीआरएफ की टीम लाइफ जैकेट एवं अन्य साजो-सामान के साथ मोटर बोट में रेस्क्यू के लिए रवाना हुए। टापू में पहुंचकर ग्रामीणों को मोटर बोट में बैठाकर लाया गया। मॉक ड्रिल में यह भी प्रदर्शित किया गया कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के बाद उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति किस प्रकार की जाती है। खाद्य विभाग द्वारा प्रभावित एवं विस्थापित लोगों के लिए भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आपदा के दौरान घायल अथवा प्रभावित व्यक्तियों को फर्स्ट एड देने तथा पानी में डूबने वाले व्यक्ति को बचाने के बाद आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही प्रभावित लोगों को मानसिक रूप से मजबूत रखने और उन्हें आवश्यक सहयोग एवं संबल प्रदान करने के उपाय बताए गए। मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से आपदा एवं राहत कार्यों को किस प्रकार व्यवस्थित, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया जाता है, इसका व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया। रेस्क्यू, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, प्राथमिक उपचार, भोजन एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने से लेकर प्रभावितों को मानसिक संबल प्रदान करने तक की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। ग्रामीणों को दी गई आपदा से बचाव एवं सूचना की जानकारी
मॉक ड्रिल को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे। इस दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को आपदा की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों तथा प्रशासन तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कंट्रोल रूम अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर घटना की सही एवं स्पष्ट जानकारी देना आवश्यक है। जलभराव, बाढ़, किसी व्यक्ति के फंसने या अन्य आपदा की स्थिति निर्मित होने पर समय पर प्रशासन को सूचना देने से बचाव एवं राहत कार्य तेजी से शुरू किए जा सकते हैं। इस दौरान अपर कलेक्टर ए.आर.टंडन सभी एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।