ई-केवाईसी से होगी हर बिजली कनेक्शन की पहचान,

कवर्धा, 21 अगस्त 2026/sns/-विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शनों एवं उनके रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी कराया जाएगा। यह प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगी। कबीरधाम जिले के 2 लाख 3 हजार 931 बिजली कनेक्शन शामिल हैं।
ई-केवाईसी के माध्यम से विद्युत कनेक्शन से संबंधित उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि विद्युत कनेक्शन जिस व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, वह वास्तविक एवं वैध उपभोक्ता है तथा वर्तमान में कनेक्शन का उपयोग कौन कर रहा है। इस प्रक्रिया से विद्युत कंपनी को अपने उपभोक्ता रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन करने के साथ वास्तविक उपभोक्ताओं का प्रमाणिक डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी।

मृत उपभोक्ताओं के नाम पर दर्ज कनेक्शनों की भी होगी पहचान

कई बार उपभोक्ता की मृत्यु हो जाने के बाद भी विद्युत कनेक्शन उसके नाम पर दर्ज रह जाता है। ऐसे मामलों की पहचान ई-केवाईसी के माध्यम से की जा सकेगी। इससे वर्तमान उपयोगकर्ता की पहचान कर नियमानुसार उपभोक्ता के नाम में आवश्यक परिवर्तन एवं रिकॉर्ड को अद्यतन करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। इसी तरह ऐसे विद्युत कनेक्शनों की भी पहचान करने में सहायता मिलेगी, जिनका उपयोग अनधिकृत अथवा अवैध रूप से किया जा रहा है या जिनमें उपभोक्ता की जानकारी लंबे समय से अद्यतन नहीं है। इससे विद्युत कंपनी को अनियमितताओं को चिन्हित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तीन विकल्प

उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ई-केवाईसी के लिए तीन विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। उपभोक्ता “मोर बिजली मोबाइल ऐप” के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय में उपस्थित होकर अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से ई-केवाईसी कराया जा सकता है। तीसरे विकल्प के तहत मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करेगा। ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ओटीपी, फिंगरप्रिंट अथवा फेस ऑथेंटिकेशन से किया जा सकेगा।

ई-केवाईसी के लिए कोई शुल्क नहीं

विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क होगी। इसके लिए उपभोक्ता से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि ई-केवाईसी के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को राशि न दें। यदि कोई व्यक्ति ई-केवाईसी के नाम पर पैसे की मांग करता है तो इसकी सूचना संबंधित विद्युत कार्यालय को दें। उपभोक्ता केवल अधिकृत माध्यमों से ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें और किसी संदिग्ध लिंक या अनधिकृत ऑनलाइन माध्यम का उपयोग न करें।

पारदर्शी एवं प्रमाणिक विद्युत व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

ई-केवाईसी केवल पहचान सत्यापन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह विद्युत कंपनी के उपभोक्ता डेटाबेस को सटीक, प्रमाणिक एवं अद्यतन बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। इससे वैध उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित होने के साथ-साथ मृत उपभोक्ताओं के नाम पर दर्ज कनेक्शनों, अनधिकृत उपयोग और अवैध विद्युत कनेक्शनों की पहचान करने में भी सहायता मिलेगी। विद्युत वितरण कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ होने वाली ई-केवाईसी प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग प्रदान करें और अपने विद्युत कनेक्शन का ई-केवाईसी अवश्य कराएं। उपभोक्ताओं के सहयोग से विद्युत व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, व्यवस्थित एवं उपभोक्ता-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

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