राष्ट्रीय खेल दिवस पर 27 अगस्त को होगा खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम

कवर्धा, 24 अगस्त 2026/sns/- राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर इस वर्ष 27 अगस्त को देशभर में व्यापक स्तर पर ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय खेल दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी एवं देश के गौरव मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस वर्ष कार्यक्रम युवा सहभागिता, खेल विकास एवं राष्ट्र निर्माण की भावना पर केंद्रित रहेगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत देश के प्रत्येक जिले के दो महाविद्यालयों में ‘युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कबीरधाम जिले में गजानन माधव मुक्तिबोध शासकीय महाविद्यालय लोहारा एवं अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय महाविद्यालय पंडातराई में कार्यक्रम होगा। इसके माध्यम से युवाओं को पिछले 12 वर्षों में खेल क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण बदलावों एवं विकास की जानकारी दी जाएगी तथा खेल और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर उनके विचार, सुझाव एवं आकांक्षाएं सुनी जाएंगी।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का वर्चुअल संबोधन होगा। प्रधानमंत्री जी 27 अगस्त को देशभर के लगभग 1600 स्थानों पर उपस्थित 8 लाख से अधिक युवाओं को संबोधित करेंगे। इससे देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद युवा एक साझा राष्ट्रीय मंच से जुड़ेंगे। कार्यक्रम में अतिथियों एवं युवा प्रतिभागियों की उपस्थिति सुबह 10 बजे तक सुनिश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री जी के संबोधन के बाद स्थानीय स्तर पर युवा संवाद आयोजित होगा। इसमें माई भारत वालिंटियर एवं स्थानीय खिलाड़ियों के बीच विशेष संवाद सत्र होगा, जिसमें देश के खेल बुनियादी ढांचे में हुए बदलाव और विकसित हो रहे खेल पारिस्थितिकी तंत्र पर चर्चा की जाएगी।
युवा संवाद में खेल सुविधाओं एवं कोचिंग को जमीनी स्तर तक पहुंचाने, वर्ष 2036 के ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं को तैयार करने, युवा नेतृत्व एवं शासन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा विकसित भारत के लिए युवा सशक्तिकरण जैसे विषयों पर चर्चा होगी। युवाओं को अपने सुझाव एवं विचार क्यूं आर कोड के माध्यम से साझा करने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें कार्यक्रम स्थल पर ही ‘वीबीवाईएलडी प्रश्नोत्तरी’ में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। यह पहल युवाओं को खेल, नेतृत्व, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने तथा विकसित और सशक्त भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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