हर खेत का हो डिजिटल सर्वे हर किसान का हो पंजीयन -कलेक्टर


दुर्ग, 24 अगस्त 2026
/sns/- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सामान्य फसल अनुमान सर्वेक्षण योजना एवं अन्य कृषि सांख्यिकी योजनाओं के संबंध में वार्षिक प्रशिक्षण आज पीडब्ल्यूडी सभागार में सभी अनुविभागीय अधिकारी, उप संचालक कृषि, तहसीलदार एवं पटवारी के लिए आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अपर कलेक्‍टर श्री हरवंश सिंह मिरी भी उपस्थित थे। सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा अधिकारियों को योजनाओं की प्रक्रिया एवं कार्यों की बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने फसलों के डिजिटल फसल सर्वेक्षण, एग्रीस्टेक पोर्टल एवं लंबित बकेट क्लेम प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य आगामी सितंबर माह तक पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सर्वेक्षण में आ रही दिक्कतों की जानकारी लेते हुए सर्वेयरों की संख्या बढ़ाने तथा कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पटवारियों को अधिक से अधिक सर्वेक्षणों का अनुमोदन करने को कहा।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि कई गांवों में सर्वेक्षण पूरा होने के बावजूद पटवारियों द्वारा समय पर अनुमोदन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि पटवारी सर्वेयरों के साथ कम से कम एक-दो खसरों का मौके पर निरीक्षण करें। किसी खेत में फसल को लेकर संदेह होने पर सर्वेयर संबंधित फसल का फोटो संबंधित अधिकारी व पटवारी के साथ साझा करें, ताकि किसी संदिग्ध या प्रतिबंधित फसल की जानकारी मिलने पर नियमानुसार रिपोर्ट की जा सके। उन्होंने सक्रिय सर्वेयरों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि निष्क्रिय सर्वेयरों को हटाकर उनके स्थान पर दूसरे सर्वेयरों की नियुक्ति की जा सके। कलेक्टर ने जानकारी दी कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण केवल धान की फसल तक सीमित नहीं है। धान के स्थान पर कोदो, कुटकी, अरहर, कपास, सोयाबीन, तिल, रागी सहित अन्य फसलें लेने वाले किसानों की फसलों का भी सर्वेक्षण किया जाना है, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार अनुदान का लाभ मिल सके।

एग्रीस्टेक में शत-प्रतिशत पंजीयन और बकेट क्लेम का निराकरण

कलेक्टर श्री सिंह ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा लंबित बकेट क्लेम प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित नहीं होना चाहिए। यदि किसी किसान द्वारा बकेट क्लेम पंजीयन कराने से मना किया जाता है, तो उससे लिखित में लिया जाए तथा उसे समझाइश दी जाए कि बकेट क्लेम पंजीयन के बिना धान की बिक्री नहीं की जा सकेगी।  उन्होंने स्पष्ट किया कि सहखातेदार का पंजीयन अनिवार्य रूप से किया जाना है। सभी गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण और किसान पंजीयन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित राजस्व अधिकारी, तहसीलदार एवं पटवारी पर कार्रवाई की जाएगी।

About The Author