शासकीय कार्यों में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता
कवर्धा, 25 अगस्त 2026/sns/- कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले में अपनी पहली समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को शासन के कार्यों में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें।
कलेक्टर ने जिले के सभी विभागों में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आधार आधारित ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने सभी विभागों के शासकीय कार्यों को ई-फाइल के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में ई-फाइल की प्रगति की समीक्षा में पाया कि कुछ विभागों में अभी तक ई-फाइल की संख्या शून्य है। इस पर उन्होंने जिन विभागों में ई-फाइल की प्रगति शून्य है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओं श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री नरेन्द्र पैकरा, श्री रामप्रसाद आचला सर्व एसडीएम, तहसीलदार सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने आधार निर्माण और अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट में तेजी लाने के दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने बैठक में जिले में आधार निर्माण एवं आधार में आवश्यक अद्यतन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में शून्य से 5 वर्ष तक के जिन बच्चों का आधार कार्ड लंबित है, उनका आधार निर्माण डाकघर के माध्यम से कराने के सख्त निर्देश दिए। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को समन्वय कर लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने कहा। कलेक्टर ने स्कूलों में अध्ययनरत 5 से 15 वर्ष और अधिक आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लंबित अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट की भी समीक्षा की। उन्होंने ऐसे विद्यार्थियों की सूची जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सूची के आधार पर जिला ई-गवर्नेंस द्वारा संबंधित स्कूलों में शिविर आयोजित कर शत-प्रतिशत विद्यार्थियों का अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले की सभी 471 ग्राम पंचायतों के छुटे हुए पंचायतों में सेवा सेतु केंद्र या अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ करने के लिए जिला ई-गवर्नेंस और जिला पंचायत को आपसी समन्वय से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाएं और डिजिटल सुविधाएं स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
भू-अर्जन के प्रकरण निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने समय-सीमा की बैठक में राजस्व विभाग के भू-अर्जन से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन के प्रकरणों के निराकरण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की स्वयं जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भू-अर्जन के प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वामित्व योजना के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति लाने की आवश्यकता है और किसी भी स्तर पर प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पटवारियों एवं राजस्व निरीक्षकों को स्वामित्व योजना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को कार्य की नियमित समीक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने कहा।
विकसित भारत जी-राम-जी योजना के तहत विभागवार कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने बैठक में विकसित भारत जी-राम-जी योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक कार्य कराए जा सकते हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अनुसार ठोस और परिणाममूलक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत हैंडपंप मरम्मत, सामुदायिक कुओं का निर्माण एवं मरम्मत तथा क्रिटिकल गांवों में जलस्तर सुधार के लिए आवश्यक कार्य कराए जा सकते हैं। कलेक्टर ने नीति आयोग के आकांक्षी विकासखंड की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय से कार्ययोजना तैयार करने कहा, ताकि निर्धारित संकेतकों में बेहतर प्रगति हासिल की जा सके। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने तथा अधिकारियों द्वारा स्कूलों एवं छात्रावासों के नियमित निरीक्षण के लिए जिम्मेदारी तय कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में शहरी पट्टा सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
ग्रामवार शासकीय भूमि का विवरण तैयार कर भूमि बैंक बनाने के दिए निर्देश
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने शासकीय भवनों एवं विभिन्न स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण के लिए भूमि उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भूमि की आवश्यकता को देखते हुए आगामी 15 दिनों में ग्रामवार शासकीय भूमि का विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से घास भूमि तथा पहाड़ एवं चट्टान वाली भूमि का विवरण संकलित करने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में किसी भी शासकीय परियोजना के लिए भूमि की आवश्यकता होने पर तत्काल जानकारी उपलब्ध हो सके, इसके लिए भूमि बैंक तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने भूमि आवंटन से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनका प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि आवंटन से संबंधित किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।