सुदूर अंचल के ग्रामीणों तक पहुंचा न्याय का संदेश
मुंगेली, 09 सितम्बर 2026/sns/- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी के मार्गदर्शन में जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक विधिक जागरूकता पहुंचाने के उद्देश्य से 60 दिवसीय मेगा ड्राइव चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड लोरमी के ग्राम जमुनाही में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुंगेली श्री सतीश कुमार खाखा, न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ श्रेणी श्री दीपक कुमार शर्मा तथा व्यवहार न्यायालय लोरमी के न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री देवेन्द्र कुमार दीक्षित उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच श्री चंद्रमणी साहू, सचिव श्री ओम प्रकाश मरावी, उपसरपंच, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
शिविर में ग्रामीणों को विधिक साक्षरता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी होना आवश्यक है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को कानूनी जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय से निराकृत कराने और पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों को जानकारी दी गई कि 23 अक्टूबर 2026 से पूर्व जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाने हैं। पैरा लीगल वालंटियर्स द्वारा गांव में घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जाएंगी तथा आवश्यकता अनुसार आवेदन तैयार करने में सहयोग किया जाएगा।
शिविर में ग्रामीणों को थाना स्तर पर शिकायत एवं प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा उपलब्ध वैधानिक उपायों की जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी घटना के संबंध में शिकायत करते समय उसकी पावती लेना महत्वपूर्ण है। यदि थाना स्तर पर आवश्यक कार्रवाई नहीं होती है तो नियमानुसार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष शिकायत की जा सकती है। शिविर में बच्चों की शिक्षा से संबंधित अधिकारों तथा महिलाओं एवं बच्चों के कानूनी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को नालसा की 13 महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई और पात्र लोगों को विधिक सेवा योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि न्याय और विधिक सहायता केवल न्यायालय तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर उन्हें उनके अधिकारों एवं उपलब्ध सहायता के प्रति जागरूक करना भी विधिक सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। शिविर में विधिक सेवा केन्द्र के अधिवक्ता श्री राजकुमार कश्यप, पैरा लीगल वालंटियर श्री अनिल यादव एवं श्री उमेद कुमार साहू सहित अन्य सहयोगी पैरा लीगल वालंटियर्स उपस्थित रहे।