आशीर्वाद का दीया से जगमगाये अमृत सरोवर के तट, पीएम आवास बिहान की दीदियों ने जलाया खुशियों का दीप
जांजगीर-चांपा, 18 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर 2026 गुरुवार की शाम जांजगीर-चांपा जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम उत्साह और जनभागीदारी के साथ आयोजित किया गया। शाम 7 बजे जिले के शहरी व ग्रामीण अंचल के घरों में, ग्राम पंचायत भवनों, अमृत सरोवरों के तटों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विभिन्न शासकीय संस्थानों में दीप प्रज्वलित किए गए। दीपों की रोशनी ने जिले में सेवा, सहभागिता, स्वच्छता, आभार और संकल्प की भावना को साकार किया।
कार्यक्रम के साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ‘स्वच्छता ही सेवा’ के तहत स्वच्छता संबंधी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, अधिकारी-कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने स्वच्छता गतिविधियों में सहभागिता करते हुए स्वच्छ गांव, स्वच्छ सार्वजनिक स्थल और स्वच्छ पर्यावरण के साथ विकसित भारत के निर्माण का संदेश दिया। लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रधानमंत्री आवास के आंगन में रोशन हुआ ‘आशीर्वाद का दीया
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों ने अपने पक्के आवासों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। पक्के और सुरक्षित आवास का सपना पूरा होने की खुशी उनके घर-आंगन में जलते दीपों में दिखाई दी। हितग्राही परिवारों ने जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सेवा संकल्प अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
अमृत सरोवरों के तट दीपों से हुए जगमग
जिले के विभिन्न अमृत सरोवरों के तटों पर भी दीप प्रज्वलित किए गए। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सरोवर के किनारे एक साथ दीप जलाकर आयोजन को सामूहिक उत्सव का रूप दिया। जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के प्रतीक अमृत सरोवर दीपों की रोशनी से जगमगा उठे।
बिहान की दीदियों ने जलाया खुशियों का दीप
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भी अपने घरों और सामुदायिक स्थलों पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही लखपति दीदियों एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने दीप प्रज्वलित कर आत्मनिर्भरता के अपने सफर की खुशियां साझा कीं। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) से जुड़े ग्रामीण परिवारों ने भी ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। रोजगार और आजीविका के अवसरों से जुड़ने की खुशी ग्रामीण परिवारों के घर-आंगन में जलते दीपों में दिखाई दी।
सेवा के साथ स्वच्छता और विकसित भारत का भी दिया संदेश
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता ही सेवा गतिविधियों ने आयोजन को एक नई दिशा दी। ग्राम पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित कर लोगों ने यह संदेश दिया कि सेवा केवल दीप प्रज्वलित करने तक सीमित नहीं, बल्कि अपने गांव, घर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना भी सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता गतिविधियों में ग्रामीणों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं की सहभागिता से स्वच्छता के प्रति जागरूकता, श्रमदान और जनभागीदारी के साथ विकसित भारत के संकल्प का संदेश गांव-गांव तक पहुंचा।
जिले की ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, मैदानी अमले, बिहान की दीदियों तथा ग्रामीणों ने मिलकर दीप प्रज्वलित किए। ग्राम पंचायत भवनों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, अमृत सरोवरों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में भी दीपों की रोशनी नजर आई। घर से गांव तक, आवास से आजीविका तक, अमृत सरोवर से स्वच्छता गतिविधियों तक जलते दीपों ने जांजगीर-चांपा जिले में सेवा, स्वच्छता, सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प की भावना को रोशन किया। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में जिलेवासियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने जनभागीदारी से विकास और स्वच्छता के संकल्प की तस्वीर प्रस्तुत की।