गांव-गांव साक्षरता की अलख जगाएंगे सार्थक दूत, तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न

सुकमा, 18 सितम्बर 2026/sns/- नीति आयोग की महत्वपूर्ण कार्ययोजना के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग, सुकमा द्वारा संचालित मॉडल लिटरेसी सेंटर के सार्थक दूतों का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 16 से 18 सितंबर 2026 तक डीपीआरसी भवन, सुकमा में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। कार्यशाला का उद्देश्य सार्थक दूतों को मॉडल लिटरेसी सेंटर के प्रभावी संचालन, शिक्षण पद्धतियों एवं कार्यात्मक साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कौशल से दक्ष बनाना रहा।
   प्रशिक्षण के दौरान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के प्रशिक्षक श्री उमेन्द्र कटरे एवं श्री तरुण कुमार ने सार्थक दूतों को कार्यात्मक साक्षरता में एआई की भूमिका, आधुनिक शिक्षण तकनीक, कक्षा प्रबंधन, शिक्षार्थियों के पंजीयन, व्यक्तिगत ध्यान, बुनियादी कौशल को मजबूत करने तथा आत्मनिर्भरता बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने मॉडल लिटरेसी सेंटर के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप गतिविधि आधारित एवं सहभागी शिक्षण पद्धति अपनाने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मंडावी, जिला मिशन समन्वयक श्री विजेन्द्र सिंह, पीपीआईए फेलो सुश्री अर्कजा कुठियाला, श्री संजय सिंह, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री शैलेन्द्र सिंह भदौरिया सहित जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण, सुकमा के प्रभारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सार्थक दूतों को अपने-अपने ग्राम पंचायतों में संचालित मॉडल लिटरेसी सेंटर की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं गतिशील बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही शिक्षार्थियों तक नियमित रूप से पहुंच सुनिश्चित करने, केंद्र की गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने तथा प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण से सार्थक दूतों में नई ऊर्जा एवं कार्यकुशलता का संचार हुआ, जिससे जिले में कार्यात्मक साक्षरता के विस्तार और मॉडल लिटरेसी सेंटरों के प्रभावी संचालन को और गति मिलने की उम्मीद है।

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