सुकमा में ‘संचार से समन्वय और समन्वय से परिणाम’ की नई पहल, आयुष्मान अभियान को मिली रफ्तार

सुकमा, 22 सितम्बर 2026/sns/- जिला प्रशासन सुकमा की अभिनव पहल से आयुष्मान भारतदृप्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के मैदानी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में 11 फरवरी 2026 को स्थापित जिला समन्वय केंद्र (कॉल सेंटर) अब हितग्राही सुविधा, जनजागरूकता, मैदानी निगरानी और विभागीय समन्वय का प्रभावी माध्यम बन चुका है। प्रशासन की सुनियोजित रणनीति और सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है कि 22 सितंबर 2026 तक जिले में 18,272 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
  कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट कार्यालय में स्थित समन्वय केंद्र ने ग्राम स्तर तक अभियान की पहुंच मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फरवरी से अब तक 2,404 कॉल किए गए, जिनमें 1,586 कॉल सफलतापूर्वक कनेक्ट हुए। कॉल सेंटर के माध्यम से सरपंच, पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों से सीधे संपर्क कर ग्रामवासियों को आयुष्मान शिविरों की जानकारी पहुंचाने तथा अधिक से अधिक हितग्राहियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए समन्वय किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से ग्रामों में मुनादी और स्थानीय स्तर पर जागरूकता गतिविधियां तेज हुईं, जिसका सीधा असर शिविरों में लोगों की सहभागिता पर दिखाई दिया।
जिला प्रशासन ने केवल जागरूकता तक सीमित न रहते हुए अभियान की नियमित मैदानी निगरानी को भी प्राथमिकता दी। समन्वय केंद्र के जरिए शिविरों में स्वास्थ्य अमले की उपस्थिति, कार्य प्रगति और दैनिक रिपोर्टिंग पर नजर रखी गई। इससे मैदानी टीमों की जवाबदेही मजबूत हुई और जिला स्तर पर मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हुई। पीएम-जय डैशबोर्ड के अनुसार जिले के कवरेज में 7.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो राज्य के सभी जिलों में सर्वाधिक बताई गई है।
सुकमा जैसे आकांक्षी जिले में यह उपलब्धि प्रशासन की सतत निगरानी, विभागीय समन्वय और जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यप्रणाली को रेखांकित करती है। जिला प्रशासन द्वारा समन्वय केंद्र को ‘संचार से समन्वय और समन्वय से परिणाम’ की अवधारणा के अनुरूप प्रभावी प्रशासनिक मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य अमले और हितग्राहियों के बीच मजबूत संवाद के जरिए आयुष्मान योजना को घर-घर तक पहुंचाने की यह पहल जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बनकर उभरी है।

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