बलराम जयंती पर सुकमा में किसानों को मिला वैज्ञानिक खेती का संदेश
सुकमा, 22 सितम्बर 2026/sns/-कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा के मुरतोंडा स्थित प्रक्षेत्र में कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विभाग एवं भारतीय किसान संघ के संयुक्त तत्वावधान में भगवान बलराम जयंती को किसान दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में जिले के करीब 113 किसानों ने सहभागिता की। मुख्य अतिथि भारतीय किसान संघ के जिला महामंत्री श्री धरम नाग एवं किसान मित्र जिला अध्यक्ष श्री मंगल बघेल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बलराम की पूजा-अर्चना से हुई। इस दौरान किसानों को कृषि क्षेत्र में भगवान बलराम के योगदान और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता से अवगत कराते हुए कृषि को आधुनिक, वैज्ञानिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती और कम लागत में उत्पादन बढ़ाने की उपयोगी जानकारी दी गई। उप संचालक कृषि श्री पी.आर. बघेल ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए देशी बीज, जीवामृत, घनजीवामृत और जैविक कीटनाशकों के उपयोग के लिए किसानों को प्रेरित किया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. राजेन्द्र प्रसाद कश्यप ने तिलहन समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के तहत तिल की उन्नत किस्म ‘जी.टी.-7’ की उत्पादन तकनीक, बीज उपचार, पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट-रोग नियंत्रण की जानकारी दी। जिले में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में किए जा रहे प्रदर्शन के तहत किसानों को तिल का उन्नत बीज भी वितरित किया गया।
कृषि विशेषज्ञों ने खेती के साथ आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने और कृषि कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी मार्गदर्शन दिया। कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ डॉ. परमानंद ने कृषि यंत्रीकरण से समय और श्रम की बचत की जानकारी दी, जबकि कृषि वैज्ञानिक डॉ. योगेश कुमार सिदार ने धान में जैविक कीट एवं रोग प्रबंधन के उपाय बताए। मत्स्य पालन विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह राठौर ने कृषि के साथ मछली पालन अपनाकर आय बढ़ाने की संभावनाएं बताईं। वहीं उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ. गूंजेश्री गोंड ने सितंबर माह में लगाई जाने वाली सब्जियों की खेती, सिंचाई, पोषक तत्व प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण की जानकारी दी। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए खेती से जुड़ी चुनौतियों पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की।
कृषि जागरूकता और वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार के इस आयोजन ने किसानों को नई कृषि पद्धतियों से जोड़ने का प्रभावी मंच प्रदान किया। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करने, उन्नत बीजों का चयन, समय पर बीज उपचार, फसल चक्र, खरपतवार प्रबंधन तथा वैज्ञानिक कीट-रोग नियंत्रण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही विभागीय योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ लेने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं पूरी टीम मौजूद रही। आयोजन ने वैज्ञानिक कृषि, प्राकृतिक खेती और किसान-से-किसान ज्ञान साझा करने की दिशा में सुकमा के किसानों के लिए उपयोगी संदेश दिया।