पदेड़ा में ‘एसबीआई संजीवनी’ बनी ग्रामीणों की जीवनरक्षक पहल
बीजापुर, 23 सितम्बर 2026/sns/- दूरस्थ वनांचल ग्राम पदेड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से शिखर युवा मंच (
SYM) द्वारा संचालित ‘एसबीआई संजीवनी क्लीनिक ऑन व्हील्स’ मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। मलेरिया डिटेक्शन एवं ट्रीटमेंट पर केंद्रित इस शिविर में 162 ग्रामीणों की जांच कर उन्हें निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।
39 की मलेरिया जांच, 7 मरीज मिले पॉजिटिव- शिविर में 39 ग्रामीणों का मलेरिया रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (
RDT) किया गया। जांच में 7 मरीज प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (
PF) पॉजिटिव पाए गए। इनमें ग्राम पदेड़ा के 4, काकी कोरमा के 2 और सावनार का 1 मरीज शामिल है। जांच के दौरान पदेड़ा निवासी 23 वर्षीय 7 माह की गर्भवती महिला तथा काकी कोरमा निवासी 7 वर्षीय बालिका भी मलेरिया पॉजिटिव पाई गईं। दोनों मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए मेडिकल टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 108 एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल, बीजापुर रेफर किया। वहीं अन्य मलेरिया पॉजिटिव मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी एवं उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चेरपाल भेजा गया।
एनीमिया समेत अन्य गंभीर बीमारियों की भी हुई पहचान- मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा शिविर में कुल 88 लैब टेस्ट किए गए। इनमें 42 ग्रामीणों की हीमोग्लोबिन जांच में 20 लोगों का
Hb स्तर 10
gm/dl से कम पाया गया। इन्हें आवश्यक दवाएं एवं पोषण संबंधी परामर्श दिया गया। इसके अलावा 7 लोगों की रैंडम ब्लड शुगर जांच की गई।
शिविर में क्रॉनिक किडनी डिजीज (
CKD) का एक मरीज तथा पैर में गंभीर संक्रमण से पीड़ित एक मरीज भी चिन्हित किया गया। दोनों को आगे के उपचार के लिए आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं निर्देश दिए गए।
दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही मोबाइल मेडिकल यूनिट- स्वास्थ्य शिविर में ग्राम पदेड़ा की सरपंच श्रीमती मंजू कोरसा एवं बीजापुर जनपद उपाध्यक्ष श्री दिनेश उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित किया और दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की इस पहल की सराहना की। प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मुकेश मानिकपुरी ने शिविर के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अमले के समन्वय से गंभीर मरीजों की समय पर पहचान और रेफरल संभव हो सका।
शिविर के संचालन में डॉ. डी. वेन्नेला (एमओ), डॉ. लखन सिंह राजपूत, डॉ. गजेंद्र बारीक, स्टाफ नर्स सोनल नायक, लैब टेक्नीशियन मनोरमा उसेण्डी, फार्मासिस्ट सौंदर्या सोनला एवं पायलट सियाराम कुड़ियम ने सक्रिय भूमिका निभाई।