मिनीमाता महतारी जतन योजना बनी हेमलता के परिवार का सहारा

बीजापुर, 24 सितम्बर 2026/sns/- मिनीमाता महतारी जतन योजना निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए संतान के जन्म के समय आर्थिक सहारा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के अंतर्गत पात्र निर्माण श्रमिक महिलाओं को प्रथम एवं द्वितीय संतान के जन्म पर 20-20 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों को संतान के जन्म के समय आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर माता एवं बच्चे के बेहतर पालन-पोषण में सहयोग प्रदान करना है।

इसी योजना का लाभ ग्राम चेरपल्ली, विकासखण्ड भोपालपटनम निवासी श्रीमती हेमलता कुरसम पति श्री राकेश कुमार कुरसम को मिला है। श्रम विभाग द्वारा ग्राम चेरपल्ली में आयोजित शिविर के दौरान हेमलता कुरसम ने श्रम विभाग में अपना पंजीयन कराया। पंजीयन के दौरान उन्हें विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिली। द्वितीय संतान के जन्म के पश्चात श्रीमती हेमलता कुरसम ने मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत सहायता राशि के लिए आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें एकमुश्त 20,000 की सहायता राशि प्राप्त हुई।

आर्थिक कठिनाइयों के बीच योजना बनी मददगार- श्रीमती हेमलता कुरसम बताती हैं कि वे गरीब श्रमिक परिवार से हैं और ग्राम चेरपल्ली में निवास करती हैं, जो जिला मुख्यालय बीजापुर से लगभग 52 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण बच्चे के पालन-पोषण, दवाई, कपड़े एवं अन्य आवश्यकताओं की व्यवस्था करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि वे पहले रेजा-कुली मजदूरी का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करती थीं। ऐसे समय में श्रम विभाग की योजना की जानकारी मिलना और उसका लाभ प्राप्त होना उनके परिवार के लिए काफी मददगार साबित हुआ।

20,000 की सहायता राशि से बच्चे के पालन-पोषण, दवाई, कपड़े तथा अन्य जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिला। हेमलता ने बताया कि योजना से मिली सहायता ने संतान के जन्म के बाद परिवार पर आने वाले अतिरिक्त खर्च को संभालने में उन्हें राहत प्रदान की।

कठिन समय में मिला आर्थिक संबल- श्रीमती हेमलता कुरसम ने कहा कि मिनीमाता महतारी जतन योजना से उन्हें कठिन समय में आर्थिक सहारा मिला है। उन्होंने योजना का लाभ दिलाने के लिए श्रम विभाग एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

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