सेवा संकल्प अभियान के तहत रेंगाखार कला में विशेष स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन
कवर्धा, 05 अक्टूबर 2026/sns/- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार आकांक्षी विकासखंड बोड़ला के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार कला में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में जिला अस्पताल से पहुंचे अनुभवी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। जिला अस्पताल की सोनोग्राफी यूनिट एवं जिला क्षय नियंत्रण कार्यक्रम यूनिट ने भी शिविर में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शिविर में कुल 204 लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लिया। इस दौरान 58 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी की गई। सोनोग्राफी के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य एवं विकास से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त हुई। वहीं 38 लोगों की नेत्र जांच की गई। शिविर के दौरान 9 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। शिविर प्रभारी द्वारा सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह विशेष स्वास्थ्य शिविर वनांचल क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्थानीय कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी अपनी सेवाएं
शिविर में विभिन्न चिकित्सा सेवाओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति रही। स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. निहारिका सिंह, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता बहेरा एवं डॉ. मंथन पांडे, चिकित्सा अधिकारी डॉ. रानी वैष्णव, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अतुल तथा एसटीएलएस श्री शशिकांत शर्मा ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
दूरस्थ वनांचल में पहुंची विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला के विशेष मार्गदर्शन में रेंगाखार सेक्टर की टीम ने शिविर के आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेक्टर के समस्त कर्मचारियों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार कला के स्टाफ ने शिविर के संचालन में सक्रिय सहयोग किया। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें अपने एवं गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की स्थिति के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त हुई। वहीं नेत्र जांच सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने से दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों को अपने नजदीक ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हुईं।