सेवा की कहानीः सीमित संसाधनों के बीच तारा की पढ़ाई को छात्रवृत्ति का सहारा, आगे बढ़ने की राह हुई आसान
अम्बिकापुर, 05 अक्टूबर 2026/sns/- पढ़ने और आगे बढ़ने की इच्छा हो तो आर्थिक सहायता विद्यार्थियों के लिए बड़ा संबल बन सकती है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला के झुमरपारा की रहने वाली सुश्री राजवाड़े भी सीमित पारिवारिक आय के बीच अपनी पढ़ाई को आगे जारी रखना चाहती हैं। शिक्षा से जुड़े खर्चों में सहयोग के लिए उन्होंने स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया है। छात्रवृत्ति से मिलने वाली सहायता उनके लिए पेन-कॉपी जैसी शैक्षणिक सामग्री, आवागमन और आगे की पढ़ाई की तैयारी से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मददगार होगी।
तारा एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। उनके परिवार में माता-पिता और भाई-बहन हैं। पिता कृषि कार्य करने के साथ छोटा व्यवसाय भी करते हैं और इसी आय से परिवार का खर्च चलता है। उनकी माता गृहिणी हैं। परिवार की आय के सीमित साधनों के बीच तारा अपनी शिक्षा जारी रखते हुए आगे की तैयारी करना चाहती हैं। ऐसे में छात्रवृत्ति से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए भी सहयोग का माध्यम बनेगी।
तारा बताती हैं कि पढ़ाई के दौरान केवल फीस ही नहीं, बल्कि पेन, कॉपी एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के साथ नियमित आवागमन पर भी खर्च होता है। छात्रवृत्ति की सहायता से इन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे परिवार पर पढ़ाई से जुड़े खर्च का भार कम होगा और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगी।
’आगे की पढ़ाई और तैयारी जारी रखने में मिलेगी मदद’
तारा के लिए छात्रवृत्ति का महत्व वर्तमान पढ़ाई तक सीमित नहीं है। वे आगे भी अपनी शिक्षा जारी रखने और भविष्य की तैयारी करने की इच्छुक हैं। उनका कहना है कि आर्थिक सहयोग मिलने से आवश्यक अध्ययन सामग्री की व्यवस्था करने के साथ आने-जाने की सुविधा में भी मदद मिलती है। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई और तैयारी को निरंतर जारी रखने में सहयोग मिलेता है।
’परिवार के लिए भी बनी आर्थिक मदद’
तारा के पिता कृषि एवं छोटे व्यवसाय के माध्यम से परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। परिवार के अन्य खर्चों के साथ बच्चों की शिक्षा की जरूरतों को पूरा करना भी उनकी जिम्मेदारी है। ऐसे में छात्रवृत्ति के माध्यम से तारा की पढ़ाई से जुड़े कुछ खर्चों में सहायता मिलने से परिवार को भी आर्थिक सहयोग मिलेगा।
तारा राजवाड़े कहती हैं कि छात्रवृत्ति उनके लिए आगे की पढ़ाई जारी रखने में उपयोगी साबित होगी। इससे पेन-कॉपी खरीदने, आने-जाने और पढ़ाई की तैयारी में मदद मिलेगी। उन्होंने शिक्षा के लिए मिल रहे सहयोग के प्रति केंद्र एवं राज्य सरकार को धन्यवाद दिया।