तसर कोसा पालन से मजबूत होगी आजीविका

बीजापुर, 06 अक्टूबर 2026/sns/- ग्रामीण क्षेत्रों में तसर रेशम पालन को बढ़ावा देकर किसानों एवं कोसा पालकों की आय में वृद्धि करने की दिशा में ग्राम नैमेड के 23 तसर कोसा पालकों को स्वस्थ डिम्ब समूह वितरण योजना के तहत 8 हजार 800 तसर स्वस्थ डिम्ब समूह प्रदान किए गए हैं। हितग्राहियों को इसके लिए शासन की ओर से 1 लाख 23 हजार रुपये की सब्सिडी का लाभ मिला है। वितरण के लिए स्वस्थ डिम्ब समूह बीएसएमटीसी बस्तर से प्राप्त किए गए हैं। इनका कुल मूल्य 1 लाख 40 हजार रुपये है, जिसमें हितग्राहियों से कृषक अंशदान के रूप में केवल 17 हजार 600 रुपये लिए गए हैं। शेष राशि शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में वहन की गई है।

करीब 4 लाख तसर कोसा उत्पादन की उम्मीद- प्रदाय किए गए 8 हजार 800 स्वस्थ डिम्ब समूहों से लगभग 4 लाख तसर कोसों के उत्पादन की संभावना है। बेहतर उत्पादन होने पर नैमेड के तसर कोसा पालकों को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी और तसर पालन को स्थायी आजीविका के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष भी समूह द्वारा लगभग इतनी ही संख्या में डिम्ब समूहों का पालन किया गया था, जिससे करीब 17 लाख रुपये मूल्य के तसर कोसों का उत्पादन हुआ था। पिछले वर्ष मिले बेहतर परिणाम से उत्साहित पालकों को इस वर्ष भी अच्छे उत्पादन की उम्मीद है।

पिछले वर्ष की सफलता ने बढ़ाया पालकों का उत्साह- समूह के अध्यक्ष श्री जितेंद्र कुडियम ने बताया कि स्वस्थ डिम्ब समूह उपलब्ध होने से तसर कोसा पालकों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन में मदद मिलती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष भी बेहतर उत्पादन से समूह के सदस्यों की आय में वृद्धि होगी और अधिक ग्रामीण तसर रेशम पालन से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे। स्वस्थ डिम्ब समूहों के वितरण और शासन से मिल रही सब्सिडी के माध्यम से तसर कोसा पालन को प्रोत्साहन मिलने के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय एवं स्वरोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। इससे तसर रेशम पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

About The Author