सेवा की कहानी नन्हे कदमों को मिला बेहतर माहौल
अम्बिकापुर, 29 सितम्बर 2026/sns/- सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम स्तर पर बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उदयपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पंडरीपानी (खास) में बना नवीन आंगनबाड़ी भवन इसी बदलाव की तस्वीर पेश कर रहा है। कभी किराए के सीमित भवन में संचालित होने वाला आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों के लिए शिक्षण कक्ष, रसोई, भंडारण कक्ष, शौचालय और खुले परिसर जैसी सुविधाओं से युक्त है।
सीमित जगह की परेशानी हुई दूर मिला नवीन भवन
पंडरीपानी (खास) में आंगनबाड़ी केंद्र वर्षों से किराए के भवन में संचालित था। पर्याप्त स्थान नहीं होने से बच्चों की पोषण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के संचालन में परेशानी होती थी। बच्चों के लिए बेहतर वातावरण की आवश्यकता को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में नवीन आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत किया गया।
नया भवन मिलने के बाद केंद्र की गतिविधियों के लिए स्थायी जगह उपलब्ध हुई है। बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में सीखने का अवसर मिलने के साथ पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को भी नियमित रूप से संचालित करने में सहूलियत हुई है। दस्तावेज में दर्ज पहले और अब की स्थिति के अनुसार भवन बनने के बाद बच्चों की उपस्थिति नियमित और बढ़ी है तथा समुदाय की भागीदारी में भी वृद्धि हुई है।
36 बच्चों के साथ माताओं और किशोरियों के लिए भी उपयोगी केंद्र
नवीन भवन का लाभ केंद्र से जुड़े 36 बच्चों, 2 शिशुवती माताओं और 10 किशोरी बालिकाओं को मिल रहा है। यहां टीकाकरण, माताओं की बैठक और पोषण सप्ताह जैसी गतिविधियों के संचालन के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध हुआ है। इस तरह आंगनबाड़ी भवन बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा तक सीमित न रहकर पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
अभिसरण से बना भवन, ग्रामीणों को मिला रोजगार
आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए कुल 11.69 लाख रुपए स्वीकृत किए गए। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग (आईसीडीएस) से 3.69 लाख रुपए और वीबी जी राम जी से 8 लाख रुपए का अभिसरण किया गया। भवन निर्माण के दौरान 459 मानव दिवस का सृजन भी हुआ। इस प्रकार बच्चों के लिए स्थायी परिसंपत्ति तैयार करने के साथ ग्रामीणों को रोजगार का अवसर भी मिला।
ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर ग्राम पंचायत पंडरीपानी के माध्यम से कार्य का क्रियान्वयन किया गया। निर्माण के दौरान तकनीकी मार्गदर्शन, नियमित पर्यवेक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण के साथ समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई।
“अब सभी गतिविधियां सुचारू रूप से हो रही हैं”
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुलेखा ने बताया कि नया भवन मिलने के बाद केंद्र में संचालित होने वाली गतिविधियां अब सुचारू रूप से हो रही हैं। माताओं, किशोरी बालिकाओं और छोटे बच्चों को आवश्यक सुविधाएं एक ही छत के नीचे सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो रही हैं।