सेवा की कहानीः कौशल से आत्मनिर्भर बनीं किरण

अम्बिकापुर, 29 सितम्बर 2026/sns/-  हुनर जब प्रशिक्षण और अवसर से जुड़ता है तो वह आत्मनिर्भरता की राह खोल सकता है। अम्बिकापुर के पटेलपारा निवासी किरण केरकेट्टा इसकी उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत छह माह का ब्यूटीशियन प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने अपने हुनर को आजीविका का माध्यम बनाया और स्वयं का छोटा ब्यूटी पार्लर शुरू किया। आज इस काम से उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 से 20 हजार रुपए तक की आय हो रही है।

किरण बताती हैं कि कौशल विकास योजना के माध्यम से उन्हें छह माह तक ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण मिला। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्होंने सीखे हुए हुनर का उपयोग करते हुए छोटे स्तर पर अपना काम शुरू किया। धीरे-धीरे ग्राहक जुड़ते गए और उनका काम आय के नियमित माध्यम में बदलने लगा।

’12 से 20 हजार रुपए तक की आय से घर चलाने में मिल रही मदद’
किरण ने बताया कि वर्तमान में ब्यूटी पार्लर के माध्यम से उन्हें लगभग 12 से 20 हजार रुपए प्रतिमाह तक की आमदनी हो जाती है। इस आय से वे अपने घर के खर्च में सहयोग कर पा रही हैं। प्रशिक्षण से मिला कौशल अब उनके लिए केवल एक हुनर नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का माध्यम बन गया है।

किरण कहती हैं, “पीएम कौशल विकास के माध्यम से मुझे अपने पैरों पर खड़े होने का मौका मिला। छह महीने ब्यूटीशियन का कोर्स करने के बाद मैंने अपना छोटा सा ब्यूटी पार्लर शुरू किया। इससे 12 से 20 हजार रुपए तक इनकम हो जाती है और घर का खर्च भी चल जाता है।”

’खुद आगे बढ़ीं, अब दूसरों को भी हुनर से जोड़ रहीं किरण’
किरण की यह पहल केवल उनकी स्वयं की आजीविका तक सीमित नहीं है। वे बताती हैं कि उन्होंने अपने काम के माध्यम से कुछ लोगों को रोजगार भी दिया है। इसके साथ ही दो से चार लोग उनके पास ब्यूटीशियन का काम सीखने के लिए भी आ रहे हैं। इस तरह प्रशिक्षण से मिला हुनर अब दूसरे लोगों तक भी पहुंच रहा है।

किरण का कहना है कि कौशल विकास के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला और अन्य लोगों को भी इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने इस अवसर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।

कौशल प्रशिक्षण से स्वरोजगार तक किरण का सफर बताता है कि व्यावसायिक हुनर आजीविका का मजबूत आधार बन सकता है। प्रशिक्षण के बाद स्वयं का व्यवसाय शुरू कर उन्होंने न केवल अपनी आय का माध्यम तैयार किया, बल्कि दूसरे लोगों को रोजगार और प्रशिक्षण से जोड़कर आगे बढ़ने की राह भी बनाई है।

About The Author