विद्यार्थियों ने दिया संवेदनशीलता और सहयोग का संदेश

सुकमा, 11 अक्टुबर 2026/sns/- जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सुकमा के अंतर्गत विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस एवं भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित ‘मन जागृति’ मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत जिले में 5 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भुवन विजय कुर्रे के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत 10 अक्टूबर को स्कूली विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकालकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच का संदेश दिया। इस वर्ष की थीम “निजी अनुभवों को सुना गयारू असली आवाजें, असली बदलाव” के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझने, लोगों के अनुभवों को सुनने और जरूरतमंदों को सहयोग देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित रैली में विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टरों एवं प्रेरक नारों के माध्यम से आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया। पोस्टरों पर’“आप अकेले नहीं हैंकृहम आपके साथ हैं”, “मन की बात कहें, मदद लें” और “बात करें, मन हल्का करें”’ जैसे संदेश प्रदर्शित किए गए। विद्यार्थियों ने अपने संदेशों के माध्यम से बताया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करना आवश्यक है। रैली ने लोगों को यह संदेश दिया कि समय पर सहायता, भावनात्मक सहयोग और सकारात्मक संवाद से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर करना, लोगों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता लेने के प्रति जागरूक बनाना है। अभियान के माध्यम से आमजन को प्रेरित किया जा रहा है कि वे मानसिक तनाव या परेशानी से जूझ रहे व्यक्तियों की बात धैर्यपूर्वक सुनें, उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाएं और उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं। ‘मन जागृति’ अभियान के जरिए जिले में ऐसा सकारात्मक वातावरण विकसित करने पर बल दिया जा रहा है, जहां मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा हो और सहायता मांगने को कमजोरी नहीं, बल्कि जागरूकता एवं साहस का प्रतीक माना जाए।
इस जागरूकता कार्यक्रम के सफल आयोजन में सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) श्रीमती गीतू हरित एवं नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण तेली सहित कन्या शिक्षा परिसर की प्राचार्य श्रीमती अनीता नाग, पोटा केबिन की प्राचार्य एवं अधीक्षिका श्रीमती अंजना पोया, श्रीमती लक्ष्मी यादव तथा एकलव्य आदर्श विद्यालय के प्राचार्य श्री विनोद कुमार की सहभागिता रही। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित यह अभियान मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और समुदाय में सहयोग की भावना मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के माध्यम से जिलेवासियों से अपील की जा रही है कि वे मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, जरूरतमंदों की बात सुनें और एक संवेदनशील, जागरूक एवं सहयोगी समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

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