तिल की खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, फायदागुड़ा में उन्नत कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण

सुकमा, 10 अक्टुबर 2026/sns/- जिले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और तिल उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा द्वारा कोंटा विकासखंड के ग्राम फायदागुड़ा में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन  योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को तिल की उन्नत खेती, कीट प्रबंधन, पोषण वाटिका, रबी फसलों की तैयारी तथा शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस वर्ष जिले में योजना के तहत 100 हेक्टेयर क्षेत्र में तिल की खेती का प्रदर्शन किया गया है। इसके अंतर्गत किसानों को सफेद तिल की उन्नत किस्म जीटी-7 के बीज, पीएसबी एवं नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले जैव उर्वरक एजोस्पाइरिलम उपलब्ध कराए गए, ताकि फसल की उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा के कीट वैज्ञानिक डॉ. योगेश कुमार सिदार ने तिल की खेती के महत्व, उत्पादन बढ़ाने की उन्नत तकनीकों तथा फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान और उनके समन्वित प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को समय पर कीटों की पहचान कर उचित नियंत्रण उपाय अपनाने तथा वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि फसल प्रबंधन में सही तकनीकों का उपयोग उत्पादन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
केंद्र की उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. गूंजेश्री गोंड ने पोषण वाटिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए घर एवं खेत में पौष्टिक सब्जियों के उत्पादन और आगामी रबी मौसम की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, कृषि विभाग के एसडीओ श्री सुधीर खुजूर ने विभागीय शासकीय योजनाओं के उद्देश्यों, पात्रता और लाभों की जानकारी देते हुए किसानों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। प्रशिक्षण में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री संतोष तलाड़ी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री येम कुमार ठाकुर, आत्मा के अधिकारी, किसान मित्र तथा महिला एवं पुरुष कृषक शामिल हुए।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों तक उन्नत कृषि तकनीकों की पहुंच सुनिश्चित करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। तिल की उन्नत किस्मों, संतुलित पोषण प्रबंधन और समन्वित कीट नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ाकर किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग की इस पहल से जिले में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है।

About The Author