सेवा की कहानी : सक्षम योजना से आत्मनिर्भर बनीं इंदु लता गुप्ता, बेटियों की उच्च शिक्षा को मिला सहारा
अम्बिकापुर, 11 अक्टूबर 2026 /sns/- बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प एक मां के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन सकता है। इसकी मिसाल हैं इंदु लता गुप्ता, जिन्होंने पति के निधन के बाद आर्थिक कठिनाइयों के बीच न केवल चार बेटियों की जिम्मेदारी संभाली, बल्कि स्वरोजगार के माध्यम से उनकी उच्च शिक्षा का रास्ता भी तैयार किया। छत्तीसगढ़ महिला कोष की सक्षम योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। आज उनकी एक बेटी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही है, जबकि दूसरी इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त कर रही है। शेष दो बेटियां भी स्कूली शिक्षा हासिल कर रही हैं।
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत प्रस्तुत यह सेवा की कहानी दर्शाती है कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं से मिली सहायता किस तरह जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने परिवार का भविष्य संवारने का अवसर प्रदान कर रही है।
आर्थिक संकट के बीच बेटियों की पढ़ाई जारी रखना था सबसे बड़ा संघर्ष
इंदु लता गुप्ता बताती हैं कि पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन पर आ गई थी। आय का कोई नियमित साधन नहीं होने से घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया था। चारों बेटियों की पढ़ाई और उनके भविष्य को लेकर वे लगातार चिंतित रहती थीं। ऐसे समय में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती परिवार की आजीविका के साथ बेटियों की शिक्षा जारी रखना था।
इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें छत्तीसगढ़ महिला कोष सक्षम योजना की जानकारी मिली। स्वरोजगार के लिए ऋण मिलने की सुविधा ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाया।
एक लाख रुपये के ऋण से खरीदीं दो भैंसें, डेयरी व्यवसाय बना आय का आधार
इंदु लता ने सक्षम योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि में अपनी ओर से भी पैसे मिलाकर उन्होंने दो भैंसें खरीदीं और डेयरी व्यवसाय शुरू किया। वर्तमान में दोनों भैंसों से प्रतिदिन लगभग 20 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। दूध उत्पादन से मिलने वाली आय के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत कम ब्याज पर ऋण मिलने से व्यवसाय शुरू करने में काफी सुविधा हुई। पहले जहां दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल होता था, वहीं अब डेयरी व्यवसाय से प्राप्त आय परिवार के भरण-पोषण और बेटियों की पढ़ाई में सहायक बन रही है।
मां की मेहनत रंग लाई, एक बेटी डॉक्टर बनने की राह पर, दूसरी इंजीनियरिंग में आगे बढ़ रही
इंदु लता के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि उनकी बेटियों की शिक्षा है। आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने बेटियों की पढ़ाई नहीं रुकने दी। डेयरी व्यवसाय से आर्थिक सहारा मिलने के बाद उन्होंने अपनी एक बेटी का मेडिकल कॉलेज में प्रवेश कराया। दूसरी बेटी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है, जबकि दो अन्य बेटियां स्कूल में अध्ययनरत हैं।
इंदु लता बताती हैं कि एक समय उन्हें बेटियों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य को लेकर बहुत चिंता होती थी। आज बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करते देखकर उन्हें खुशी और संतोष मिलता है। उनका कहना है कि सक्षम योजना से मिले सहयोग के कारण वे अपने परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभा पा रही हैं।
सक्षम योजना से मिला आत्मनिर्भरता का अवसर, इंदु लता ने जताया आभार
इंदु लता गुप्ता छत्तीसगढ़ महिला कोष सक्षम योजना से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं से महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का अवसर मिलता है।
इंदु लता गुप्ता की सेवा की कहानी महिला आत्मनिर्भरता के साथ बेटियों की शिक्षा का भी उदाहरण है। सक्षम योजना से मिला एक लाख रुपये का ऋण उनके लिए केवल व्यवसाय शुरू करने का माध्यम नहीं बना, बल्कि चार बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण सहारा साबित हुआ।