विकसित भारत-जी राम जी से कुनियांकला के पहाड़ी क्षेत्र में जल संरक्षण को मिल रही मजबूती
अम्बिकापुर, 12 अक्टूबर 2026/sns/- सरगुजा जिले में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार सृजन की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कुनियांकला के पोटलीपारा घुटरा स्थित पहाड़ी क्षेत्र में वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच एवं कंटिन्यूस कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया जा रहा है। इन दोनों कार्यों के लिए लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्यों से वर्षा जल के संरक्षण, मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने तथा भूजल संवर्धन में मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच निर्माण से वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा
ग्राम पंचायत कुनियांकला के पोटलीपारा घुटरा में सामुदायिक स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य के लिए लगभग 1 लाख 19 हजार 830 रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस कार्य का प्रारंभ 3 अगस्त 2026 को किया गया तथा पूर्णता तिथि 3 सितम्बर 2026 निर्धारित थी। कार्य के लिए 337 मानव दिवस रोजगार का प्रावधान किया गया है।
स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच पहाड़ी ढलानों पर निश्चित अंतराल में बनाई जाने वाली जल संरक्षण संरचनाएं हैं। इनके माध्यम से वर्षा के दौरान तेजी से बहने वाले पानी की गति कम होती है और पानी को जमीन में समाहित होने का अवसर मिलता है। इससे मिट्टी के कटाव को कम करने, भूमि में नमी बनाए रखने और प्राकृतिक जल संसाधनों के संरक्षण में सहायता मिलेगी।
कंटिन्यूस कंटूर ट्रेंच से पहाड़ी ढलानों पर रुकेगा वर्षा जल
इसी ग्राम पंचायत के पोटलीपारा घुटरा में सामुदायिक कंटिन्यूस कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य के लिए लगभग 1 लाख 24 हजार 999 रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस कार्य के अंतर्गत 500 मीटर लंबाई में कंटूर ट्रेंच निर्माण का प्रावधान है। कार्य 8 सितम्बर 2026 को प्रारंभ किया गया है तथा इसके लिए 377 मानव दिवस रोजगार का प्रावधान किया गया है।
कंटिन्यूस कंटूर ट्रेंच का निर्माण पहाड़ी ढलानों पर समोच्च रेखाओं के अनुरूप किया जाता है। इससे वर्षा जल के तेज बहाव को नियंत्रित करने और पानी को अधिक समय तक रोकने में सहायता मिलती है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का जमीन में रिसाव बढ़ेगा, जिससे भूजल पुनर्भरण तथा भूमि की नमी के संरक्षण में मदद मिलेगी।
जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार
दोनों जल संरक्षण कार्यों के लिए कुल 711 मानव दिवस रोजगार का प्रावधान किया गया है। श्रमिकों के लिए प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी दर निर्धारित है। ग्राम पंचायत कुनियांकला को निर्माण कार्यों की क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। कलेक्टर श्री अजीत वसंत के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में तकनीकी सहायक श्री भोला नाथ सिंह तथा कार्यक्रम अधिकारी श्री सुनील मिश्रा की देखरेख में कार्यों का क्रियान्वयन किया गया है।
इन कार्यों से स्थानीय श्रमिकों को गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो रही है।
जल संरक्षण से टिकाऊ ग्रामीण विकास की दिशा में पहल
सरगुजा के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा जल का संरक्षण महत्वपूर्ण है। ढलान वाले क्षेत्रों में बारिश का अधिकांश पानी तेजी से बह जाने के कारण मिट्टी का कटाव होता है और भूमि में पर्याप्त नमी नहीं रह पाती। ऐसे क्षेत्रों में स्टैगर्ड एवं कंटिन्यूस कंटूर ट्रेंच का निर्माण वर्षा जल प्रबंधन का प्रभावी माध्यम है।
ग्राम पंचायत कुनियांकला में विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत किए जा रहे ये कार्य जल संरक्षण के साथ ग्रामीण रोजगार सृजन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, भूजल संवर्धन और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप जल संरक्षण संरचनाओं का विकास टिकाऊ ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।