निःशुल्क डायलिसिस सुविधा से जिला अस्पताल बना संजीवनी का केंद्र
सुकमा, 12 अक्टुबर 2026/sns/- कभी दूरस्थ और दुर्गम माने जाने वाले बस्तर अंचल का सुकमा जिला आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर रहा है। कभी जहां सामान्य इलाज के लिए भी लोगों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं आज जिला प्रशासन के संवेदनशील प्रयासों से सुकमा स्वयं जीवनदायिनी केंद्र बनकर उभरा है।
जिला अस्पताल में स्थापित आधुनिक डायलिसिस यूनिट अब न केवल स्थानीय निवासियों, बल्कि अंतर्राज्यीय सीमा पार से आने वाले मरीजों के लिए भी उम्मीद की सबसे बड़ी किरण बन गई है।
व्यवस्था में आए इस बड़े बदलाव की रीढ़ जिला प्रशासन की सतत निगरानी और प्रतिबद्धता है। कलेक्टर श्री अमित कुमार स्वयं जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि अंतिम छोर के व्यक्ति तक उच्चस्तरीय चिकित्सा पहुंच सके। जिले में विशेषज्ञों और चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) मद से नए डॉक्टरों की नियुक्तियां की गई हैं। संसाधनों की सुदृढ़ व्यवस्था और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के समन्वय से अस्पताल की कार्यप्रणाली पूरी तरह जनहितैषी बन चुकी है।
इस बदलते परिदृश्य की सबसे जीवंत तस्वीर ओडिशा के मलकानगिरी निवासी गौतम मजूमदार की आपबीती में दिखती है। किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे गौतम बताते हैं, ष्मलकानगिरी में बेहतर सुविधा नहीं होने से मैं जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। जब सुकमा के डायलिसिस सेंटर की जानकारी मिली, तो यहां आया। पिछले दो महीनों से मुझे यहां पूरी तरह निःशुल्क डायलिसिस सेवा मिल रही है। अस्पताल का स्टाफ बेहद आत्मीयता से देखभाल करता है। इस नई जिंदगी के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और प्रशासन का आभारी हूँ।ष्
मलकानगिरी निवासी गौतम मजूमदार, ध्रुवल राय, दत्ता जैसे कई मरीजों का भरोसा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि संवेदनशील नेतृत्व कैसे जनसेवा की परिभाषा बदल सकता है। शून्य से शुरू होकर दूसरे राज्यों के नागरिकों का विश्वास जीतने तक का यह सफर सुकमा प्रशासन की दूरगामी सोच को दर्शाता है। सीमांत जिले में उपलब्ध यह निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा न केवल शासकीय योजनाओं की जमीनी सफलता को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो सुदूर क्षेत्र भी आरोग्य का सशक्त केंद्र बन सकते हैं।