सेवा की कहानी: ओसीडी को मात देकर महिला ने पाया नया जीवन, जिला अस्पताल में मिला बेहतर उपचार


रायगढ़, 12 अक्टूबर 2026/sns/- मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं व्यक्ति के आत्मविश्वास,
कार्यक्षमता और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन समय पर उपचार, उचित परामर्श और निरंतर सहयोग से इन चुनौतियों पर काबू पाया जा सकता है। रायगढ़ जिला अस्पताल की जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई ने इसी दिशा में एक महिला को नई उम्मीद दी है। ऑब्सेसिव कंपलसिव डिसऑर्डर (ओसीडी) से जूझ रही महिला उपचार और नियमित काउंसलिंग के बाद अब बेहतर महसूस कर रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत  चिकित्सकों के प्रयास से जिला अस्पताल की मानसिक स्वास्थ्य इकाई लोगों को उपचार, परामर्श और सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।

मानसिक परेशानी से प्रभावित हो रहा था दैनिक जीवन

मीना शर्मा को बार-बार नकारात्मक विचार आने और एक ही बात की जांच करने की परेशानी थी। उनके मन में लगातार यह आशंका बनी रहती थी कि कहीं कोई गलती तो नहीं हो गई या कोई काम अधूरा तो नहीं रह गया। इस वजह से वह कई बार एक ही बात को जांचती थीं। बच्चों को पढ़ाते समय भी उन्हें इस समस्या का सामना करना पड़ता था, जिससे उनकी कार्यक्षमता और आत्मविश्वास प्रभावित होने लगा था। धीरे-धीरे वह घबराहट, बेचैनी, उदासी और निराशा से घिरने लगीं।

जिला अस्पताल में मिला उपचार और संबल
समस्या बढ़ने पर मीना शर्मा ने रायगढ़ जिला अस्पताल में संपर्क किया। यहां राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) के अंतर्गत संचालित जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई में उनका उपचार शुरू किया गया। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रकाश चेतवानी ने उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं, वहीं जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के सलाहकार श्री पी. अतीत राव ने नियमित काउंसलिंग के माध्यम से उन्हें सहयोग और मार्गदर्शन दिया। उपचार, परामर्श और निरंतर सहयोग से उनकी घबराहट और बेचैनी में धीरे-धीरे कमी आने लगी। समय के साथ वह अपनी समस्या का बेहतर तरीके से सामना करने लगीं और उनका आत्मविश्वास भी लौटने लगा। आज वह पहले की तुलना में बेहतर महसूस कर रही हैं और सामान्य दिनचर्या की ओर लौट चुकी हैं।

उपचार से राहत मिलने पर जताया आभार
मीना शर्मा ने जिला अस्पताल के चिकित्सक, जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई और पूरी स्वास्थ्य टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंची थीं, तब उनका आत्मविश्वास काफी कमजोर हो चुका था। बच्चों को पढ़ाने जैसे सामान्य कार्यों में भी परेशानी होती थी। लेकिन चिकित्सकीय उपचार और नियमित काउंसलिंग से उन्हें इस स्थिति से बाहर निकलने में मदद मिली। अब वह मानसिक रूप से बेहतर महसूस कर रही हैं और अपने दैनिक कार्यों को अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पा रही हैं। बता दें कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय समय पर विशेषज्ञों से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। ओसीडी जैसी समस्या में उचित उपचार और मनोवैज्ञानिक सहयोग से सुधार संभव है। ताकि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों को बेहतर जीवन जीने का अवसर मिल सके।

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