रायगढ़ जिले में ‘एनआर’ ब्रांड की हल्दी पाउडर की बिक्री और वितरण पर प्रतिबंधजांच में साल्मोनेला जीवाणु की पुष्टि, संबंधित खेप को बाजार से वापस लेने के निर्देश
रायगढ़, 12 अक्टूबर 2026/sns/- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ‘एनआर’ ब्रांड की हल्दी पाउडर की बिक्री एवं वितरण पर रायगढ़ जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। जांच में हल्दी पाउडर के एक विशेष बैच में साल्मोनेला जीवाणु की उपस्थिति पाई गई है। इसके बाद संबंधित उत्पाद की बिक्री रोकने और बाजार में वितरित सामग्री को वापस मंगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा बेमेतरा जिले के नवीन ट्रेडर्स, गोठान चौक, गिधवा रोड से ‘एनआर’ ब्रांड की हल्दी पाउडर का नमूना लेकर जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया था। यह हल्दी पाउडर रायपुर जिले के धरसींवा विकासखंड के छपोरा गांव स्थित नागराज जैन मसाला उद्योग द्वारा निर्मित है। नमूने का परीक्षण भोपाल स्थित अधिकृत खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में किया गया। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, हल्दी पाउडर में साल्मोनेला जीवाणु पाया गया, जबकि निर्धारित खाद्य मानकों के अनुसार इस जीवाणु की उपस्थिति नहीं होनी चाहिए। इस आधार पर संबंधित खाद्य पदार्थ को असुरक्षित घोषित किया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित उत्पाद के बैच क्रमांक एनआर/6ए की बिक्री एवं वितरण पर जिलेभर में प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित उत्पाद की पैकिंग 500 ग्राम की है। इसकी पैकिंग तिथि 19 जून 2026 तथा उपयोग की अंतिम तिथि 18 फरवरी 2027 दर्ज है।
बाजार में उपलब्ध सामग्री वापस लेने के निर्देश
विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता को प्रभावित बैच की बिक्री रोकने, वितरित सामग्री वापस मंगाने तथा बाजार में उपलब्ध स्टॉक को वापस लेने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जिले में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इस प्रक्रिया की निगरानी करने और कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इसके अतिरिक्त, संबंधित उत्पाद के अन्य बैचों के भी विधिक नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने संबंधित कारोबारकर्ता से वापस लिए गए उत्पाद की मात्रा सहित की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन जिला कार्यालय और नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।