बकरी पालन से आत्मनिर्भर बनीं किकिरमेटा की ज्योति निषाद
दुर्ग, 12 अक्टूबर 2026/sns/- ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना से जुड़कर जिले की अनेक महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। ग्राम पंचायत किकिरमेटा की श्रीमती ज्योति निषाद जिन्होंने बकरी पालन को आजीविका का साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई है। ज्योति निषाद पहले सीमित संसाधनों के बीच अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। कम आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। इसी दौरान वे ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत जागृति स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह की बैठकों और आपसी चर्चा के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी मिली। इससे प्रेरित होकर उन्होंने बकरी पालन शुरू करने का निर्णय लिया।
ज्योति निषाद को जागृति स्वयं सहायता समूह और महामाया महिला ग्राम संगठन से जुड़कर आजीविका संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिला। उन्होंने बकरी पालन के लिए लगभग 15 हजार रूपए से 50 हजार रूपए तक की राशि का निवेश किया। बकरियों के पालन-पोषण और उनकी संख्या बढ़ाने पर ध्यान देते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपने व्यवसाय का विस्तार किया। पशुपालन विभाग और बिहान योजना से प्राप्त मार्गदर्शन ने भी उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद की। लगातार मेहनत और देखभाल के परिणामस्वरूप ज्योति निषाद के बकरी पालन के कार्य में वृद्धि हुई। आज उन्हें बकरियों की बिक्री से लगभग 20 हजार से 25 हजार तक की आमदनी प्राप्त हो रही है। इस आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और वे घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में पहले से अधिक सक्षम हुई हैं। ज्योति निषाद ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, सही मार्गदर्शन और सामूहिक सहयोग से आत्मनिर्भरता की राह बनाई जा सकती है। जागृति स्वयं सहायता समूह और महामाया महिला ग्राम संगठन से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आजीविका को मजबूत किया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा प्रस्तुत की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से महिलाओं को समूहों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।