राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम शिविर में 48 मरीजों का चिन्हांकन
अम्बिकापुर, 13 अक्टूबर 2026/sns/- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरुता के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK/चिरायु) के अंतर्गत जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं सर्जरी हेतु चिन्हांकन शिविर आयोजित किया गया। स्वास्थ्य विभाग, जिला सरगुजा द्वारा रायपुर के कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित शिविर में विकासखंड स्तर पर चिरायु दलों द्वारा चिन्हांकित बच्चों एवं मरीजों की विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जाँच की। शिविर में कुल 48 मरीजों को आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित किया गया।
शिविर में बर्न से संबंधित 08, जन्मजात कटे-फटे होंठ के 18, कटे-फटे तालू के 12 तथा क्लब फुट के 10 मरीजों की पहचान की गई। जाँच के बाद मरीजों को रायपुर स्थित कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल में आवश्यक सर्जरी एवं उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में सहमति प्राप्त की गई।
शिविर में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम, संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या, सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विमलचंद पैकरा, प्रोफेसर डॉ. अविनाशी कुजूर, डॉ. अभिजीत दीवान, नोडल नर्सिंग डॉ. पी.के. सिन्हा, नोडल RBSK डॉ. के.पी. विश्वकर्मा, डॉ. श्रीकांत चौहान, डॉ. दीपक गुप्ता, श्री कमल नारायण तथा कालड़ा हॉस्पिटल के कोऑर्डिनेटर जितेंद्र साहू सहित संबंधित चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कालड़ा हॉस्पिटल, रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ. दीपक ठाकुर ने मरीजों की जाँच कर आवश्यक परामर्श दिया।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम ने कहा कि ऐसे शिविरों से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों एवं मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलता है। संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या ने कहा कि RBSK के माध्यम से जन्मजात विकारों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर बच्चों को उचित उपचार से जोड़ना महत्वपूर्ण है। सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी ने जरूरतमंद मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा एवं सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की जानकारी दी। डॉ. दीपक ठाकुर ने कहा कि बर्न, कटे-फटे होंठ, तालू और क्लब फुट जैसी समस्याओं का समय पर उपचार मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकारों, बीमारियों एवं विकास संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराना है। इस शिविर के माध्यम से 48 मरीजों को विशेषज्ञ उपचार एवं आवश्यक सर्जरी से जोड़ने की पहल की गई है। गौरतलब है कि रायपुर में उपचार हेतु मरीजों को पहुँचाने के लिए भी आवश्यक परिवहन व्यवस्था की जाएगी।