सेवा की कहानी: मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना से पायल के सपनों को मिला संबल


रायगढ़, 13 अक्टूबर 2026/sns/- श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ शासन की कल्याणकारी योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से रायगढ़ जिले के ग्राम कछार निवासी पायल साहू को आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक संबल मिला है। पंजीकृत निर्माण श्रमिक ज्योति साहू की बेटी पायल को योजना के तहत 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की गई है।
आर्थिक सहयोग से आसान हुई शिक्षा की राह
पायल साहू ने बताया कि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार के लिए पढ़ाई का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से मिली आर्थिक मदद उनकेे लिए राहत लेकर आई। इस सहायता से उन्हें आगे की पढ़ाई में सहयोग मिलेगा और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का अवसर मजबूत होगा। पायल की मां ज्योति साहू ने बताया कि शासन की इस योजना से बेटी की शिक्षा को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। आर्थिक सहायता से परिवार का बोझ कम हुआ है और बेटी के भविष्य को लेकर उम्मीद बढ़ी है। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
18 से 21 वर्ष की पात्र बेटियों को मिलती है सहायता
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों को शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली बेटियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। योजना के लिए श्रमिक का मंडल में कम से कम तीन वर्ष पूर्व पंजीकृत होना आवश्यक है। इसके साथ ही श्रमिक परिवार की प्रथम दो अविवाहित पुत्रियां, जिनकी आयु 18 से 21 वर्ष के बीच हो और जिन्होंने कम से कम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की हो, निर्धारित शर्तों के अधीन पात्र होती हैं।

About The Author