कलेक्टर ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की
कवर्धा, 14 अक्टूबर 2026/sns/- कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने मंगलवार 13 अक्टूबर को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व, खाद्य एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को कबीरधाम जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक एवं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न कराने हेतु सभी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को शासन के विशेष प्राथमिकता वाले एवं अत्यंत महत्वपूर्ण योजना बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं त्रुटि बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल अपर कलेक्टर श्री नरेंद्र पैकरा सहित सभी एसडीएम, जिला खाद्य अधिकारी, तहसीलदार नायब तहसीलदारों के अलावा खाद्य, सहकारिता सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि धान खरीदी कार्य के अंतर्गत केवल वास्तविक किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर ही धान खरीदी की जाए। उन्होंने व्यापारियों, बिचौलियों एवं कोचिओ के माध्यम से धान की अवैध खरीदी एवं बिक्री की रोकथाम हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों के अलावा, नोडल एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों से धान खरीदी के कार्य का सतत् मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुद्ध पेयजल, छाँव, शौचालय आदि के अलावा किसानों के बैठने के लिए कुर्सी, टेबल एवं मेडिकल किट आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए है।
आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू, व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिले में कुल 145 उपार्जन केंद्रों (108 पूर्व से संचालित एवं 37 नवीन उपार्जन केंद्र) की प्रारंभिक तैयारियाँ सुनिश्चित की जा रही हैं। इस संबंध में सभी उपार्जन केंद्रों में निर्धारित मापदंडों के अनुसार एल-4 मार्किंग एवं आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्ण करने की कार्यवाही की जानी है। उपार्जन केंद्रों में निम्नलिखित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँगी। उपार्जन केंद्रों का उपयुक्त स्थल चयन, विशेषकर नवीन उपार्जन केंद्रों के लिए, नवीन उपार्जन केंद्रों पर खरीदी प्रभारियों एवं कर्मचारियों की व्यवस्था, केंद्र तक पहुँचने के लिए सुगम पहुँच मार्ग (एप्रोच रोड) की व्यवस्था, भवन एवं कार्यालय की उपलब्धता, चबूतरे एवं फड़ का समतलीकरण, परिसर में बाउंड्री, फेंसिंग, सुरक्षा, रखरखाव, जल निकासी एवं कैप कवर की व्यवस्था, शौचालय की व्यवस्था, पेयजल हेतु नल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ, किसानों के विश्राम हेतु शेड, छायादार स्थान एवं विश्राम स्थल की व्यवस्था, सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, तौल कांटों एवं बाटों का सत्यापन तथा वैध प्रमाण-पत्र की उपलब्धता, कंप्यूटर, प्रिंटर, जनरेटर एवं विद्युत व्यवस्था, बारदाना, स्टेचियल, सुतली एवं आवश्यक रंग आदि की व्यवस्था, आवश्यक सूचनाओं का प्रदर्शन, फ्लेक्स, सूचना पटल एवं हितग्राहियों की सूची प्रदर्शित करना, उपार्जन केंद्रों से संबंधित विभिन्न प्रकार की पर्चियों की पर्याप्त उपलब्धता, सभी उपार्जन केंद्रों का समग्र स्वरूप एवं प्रदर्शन निर्धारित एल-4 मार्किंग मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करना, प्राथमिक उपचार पेटी (फर्स्ट एड बॉक्स) की उपलब्धता, आवश्यकतानुसार चेक पोस्ट की व्यवस्था, मंडी चेक पोस्ट से संबंधित आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।