महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक सहारा

कोरबा, 17 अक्टूबर 2026/sns/-घर-परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए महिलाओं के लिए अपनी जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर खर्च करने के लिए आर्थिक सहयोग मिलना काफी मायने रखता है। छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता महिलाओं को घरेलू जरूरतों में योगदान देने और परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में मदद कर रही है।
जिला कोरबा के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम लाफा निवासी श्रीमती रामवती कंवर भी इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। योजना का लाभ मिलने से पहले उन्हें घरेलू खर्चों और बच्चों की आवश्यकताओं के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब हर महीने उनके बैंक खाते में एक हजार रुपये की राशि पहुंच रही है, जिसका उपयोग वह सोच-समझकर घर और बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में करती हैं।

श्रीमती रामवती कंवर बताती हैं, “महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि मेरे लिए काफी मददगार है। मैं इस पैसे से बच्चों के लिए कॉपी-किताब और पढ़ाई से जुड़ी जरूरी चीजें खरीदती हूं। घर में राशन, सब्जी और रोजमर्रा में काम आने वाले सामान की खरीदी में भी सहयोग कर पाती हूं। इससे परिवार के खर्चों को संभालने में मदद मिलती है और बच्चों की जरूरतें पूरी करने की चिंता भी कुछ कम होती है।”
रामवती कंवर के लिए योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों में योगदान देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। अपनी जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा और घर के आवश्यक खर्चों में सहयोग कर पाने से उन्हें संतोष मिलता है। वह इस योजना को महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली उपयोगी पहल मानती हैं।
योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती रामवती कंवर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देती हैं। वह कहती हैं, “महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से मुझे घर के खर्चों और बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने का अवसर मिला है। हर महीने खाते में पैसे आने से जरूरी सामान खरीदने में सहूलियत होती है और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में मदद मिलती है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सहयोग देने वाली इस योजना के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की आभारी हूं।”

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