32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय प्रतियोगिता 27 अक्टूबर को
कवर्धा, 22 अक्टूबर 2026/sns/- कबीरधाम जिले में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 27 अक्टूबर 2026 को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, दुर्गावती चैक, कवर्धा में प्रातः 10.30 बजे से किया जाएगा। प्रतियोगिता का मुख्य विषय ‘सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ है। इसमें विद्यार्थी शिक्षक-शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में तैयार की गई अपनी वैज्ञानिक परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण करेंगे।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा, रचनात्मकता एवं नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस मंच के माध्यम से विद्यार्थी अपने स्थानीय परिवेश से जुड़े विभिन्न सवालों को समझने तथा उनके समाधान खोजने के लिए वैज्ञानिक विधियों का उपयोग कर सकेंगे। साथ ही प्रयोग, आंकड़ों के संकलन, विश्लेषण एवं नवाचार के माध्यम से निष्कर्ष तक पहुंचने की क्षमता विकसित करेंगे।
स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मिलेगा प्रोत्साहन
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासा और वैज्ञानिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं एवं परिस्थितियों का अध्ययन कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उनके समाधान तलाशेंगे। परियोजनाओं के माध्यम से बच्चों में अवलोकन, प्रयोग, आंकड़ों के विश्लेषण और तार्किक निष्कर्ष निकालने की क्षमता को बढ़ावा दिया जाएगा।
इन उपविषयों पर तैयार की जाएंगी परियोजनाएं
प्रतियोगिता के अंतर्गत विद्यार्थी मुख्य विषय से संबंधित विभिन्न उपविषयों पर अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत करेंगे। इनमें अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरे को कम करना, पुनः उपयोग, पुनः प्राप्ति एवं पुनर्चक्रणय ऊर्जा के अंतर्गत अन्वेषण, प्रयोग, संवर्धन एवं विकास जल के अंतर्गत वर्षा जल संचयन, जल का समुचित उपयोग, पुनर्चक्रण एवं संरक्षण भोजन, कृषि एवं स्वास्थ्य तथा सतत विकास के लिए भारतीय विज्ञान प्रणाली का उपयोग जैसे विषय शामिल हैं। इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग और सतत विकास से जुड़े मुद्दों का अध्ययन कर अपने वैज्ञानिक विचार एवं नवाचार प्रस्तुत करेंगे। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की यह जिला स्तरीय प्रतियोगिता विद्यार्थियों में वैज्ञानिक अभिरुचि विकसित करने, स्थानीय समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने तथा विज्ञान के माध्यम से व्यावहारिक समाधान खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।