इंद्रावती टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का भव्य शुभारंभ, अब पर्यटक कर सकेंगे अछूते वन्य क्षेत्र की जैव विविधता का दीदार
बीजापुर, 02 नवंबर 2026/sns/- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व के लिए 01 नवंबर 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। लगभग तीन दशकों से नक्सलवाद के प्रभाव के कारण आम लोगों की पहुंच से दूर और अछूते रहे इस वन क्षेत्र में आज जंगल सफारी का विधिवत शुभारंभ किया गया। जंगल सफारी के शुभारंभ के साथ इंद्रावती के घने जंगलों, विस्तृत घासभूमियों और समृद्ध जैव विविधता के द्वार प्रकृति प्रेमियों एवं पर्यटकों के लिए खुल गए हैं। यह केवल सफारी की शुरुआत नहीं, बल्कि इंद्रावती के अनदेखे प्राकृतिक संसार को दुनिया के सामने लाने की एक ऐतिहासिक पहल है, जहां पर्यटक वन्यजीवों और प्रकृति की अनूठी सुंदरता को उनके प्राकृतिक आवास में करीब से अनुभव कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में इस महत्वपूर्ण पहल को मूर्त रूप दिया गया। इस जंगल सफारी का ऑनलाइन शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा रायपुर से बटन दबाकर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में इंद्रावती टाइगर रिजर्व जंगल सफारी पर आधारित एक विशेष वीडियो का प्रदर्शन किया गया। इस वीडियो में सफारी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, जैव विविधता, वन्यप्राणियों एवं पर्यटन की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जंगल सफारी की प्रमुख विशेषताएं एवं सुविधाएं- इंद्रावती टाइगर रिजर्व में प्रारंभ की गई जंगल सफारी पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाने का एक विशेष अवसर प्रदान करेगी। सफारी के दौरान पर्यटक यहां की समृद्ध जैव विविधता एवं प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कर सकेंगे। इस क्षेत्र में बाघ, चीतल, नीलगाय, बारहसिंगा, तेंदुआ, लोमड़ी, जंगली सूअर सहित विभिन्न वन्यप्राणियों तथा पक्षियों की विविध प्रजातियों को देखने का अवसर मिल सकता है। इसके साथ ही पर्यटक यहां के मनमोहक प्राकृतिक दृश्य, विस्तृत घासभूमियां, विशिष्ट भू-दृश्य तथा विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों और वनस्पतियों की सुंदरता का आनंद ले सकेंगे। जंगल के बीच से गुजरती सफारी पर्यटकों को इंद्रावती के प्राकृतिक एवं वन्य संसार से रूबरू कराएगी।
सफारी के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं- सफारी शुल्क, प्रति जिप्सी 2000 निर्धारित किया गया है। एक जिप्सी में अधिकतम 6 पर्यटक बैठ सकेंगे।
प्रशिक्षित गाइडः प्रत्येक जिप्सी के साथ एक गाइड रहेगा जो पर्यटकों को इंद्रावती टाइगर रिजर्व के इतिहास, जैव विविधताए पेड़-पौधों, वन्यप्राणियों एवं प्राकृतिक विशेषताओं की जानकारी देगा।
सफारी अवधिः प्रत्येक सफारी की अवधि लगभग 45 मिनट निर्धारित की गई है।
सफारी का समयः प्रातः 6ः00 बजे एवं अपराह्न 3ः00 बजे।
टिकट व्यवस्थाः पर्यटक निर्धारित टिकट काउंटर से सफारी का टिकट प्राप्त कर सकते हैं।
जलपान की सुविधाः पर्यटकों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई है, जहां वे आवश्यक खाद्य सामग्री खरीद सकते हैं।
स्वच्छ पेयजलः पर्यटकों के लिए पीने के स्वच्छ पानी की व्यवस्था की गई है।
विश्राम एवं प्राकृतिक सौंदर्य का आनंदः परिसर में पैगोडा (बैठने हेतु निर्मित संरचना) बनाया गया है, जहां पर्यटक बैठकर आसपास के प्राकृतिक वातावरण एवं सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।
अछूते जंगल से पर्यटन के नए अध्याय तक- इंद्रावती टाइगर रिजर्व का विशाल वन क्षेत्र अपनी समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक संपदा एवं वन्यजीवों के लिए विशेष पहचान रखता है। लंबे समय तक नक्सलवाद के प्रभाव के कारण यह क्षेत्र सामान्य पर्यटन की पहुंच से दूर रहा। जंगल सफारी की शुरुआत से अब इस प्राकृतिक धरोहर को देश-दुनिया के पर्यटकों के सामने लाने का नया अवसर मिलेगा।
यह पहल केवल पर्यटन की शुरुआत नहीं, बल्कि इंद्रावती के अछूते प्राकृतिक संसार को लोगों से जोड़ने, स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने तथा प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व अब अपने प्राकृतिक वैभव, मनमोहक घासभूमियों, विविध वन्यजीवों एवं समृद्ध जैव विविधता के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पेरे पुल्लेया, जनपद पंचायत अध्यक्ष भोपालपटनम श्रीमती सरिता कुडेम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भोपालपटनम श्रीमती नीलम गणपत, ग्राम पंचायत गुल्लापेंटा की सरपंच श्रीमती पद्मा चिडेम, श्री फारुख खान, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री उत्तम कुमार गुप्ता, कलेक्टर श्री विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक श्री उमेश प्रसाद गुप्ता, डॉ. जाधव सागर रामचंद्र, वन मंडलाधिकारी बीजापुर (सामान्य) एवं उप संचालक इंद्रावती टाइगर रिजर्व श्री सुमेध संजय सुरवाड़े, वन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।