दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने की पहल

मुंगेली, 02 नवंबर 2026/sns/-  कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शिक्षा और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से आज जिला मुख्यालय स्थित बीआरसी भवन में समावेशी शिक्षा अंतर्गत जिला स्तरीय आकलन एवं मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में जिले के तीनों विकासखंडों के कुल 185 बच्चों का आइडेंटिफिकेशन, असेसमेंट एवं स्क्रीनिंग कर चिन्हांकन किया गया। साथ ही बच्चों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की गई तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें विशेष सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए भी चिन्हित किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री मोहनलाल पटेल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की आवश्यकताओं का विशेषज्ञों के माध्यम से आकलन कर उन्हें उपयुक्त शैक्षणिक एवं सहायक सुविधाओं से जोड़ना रहा। शिविर में पथरिया विकासखंड से 60, लोरमी से 38 तथा मुंगेली विकासखंड से 87 बच्चों ने भाग लिया। इस प्रकार कुल 185 बच्चों की पहचान एवं आवश्यकतानुसार मूल्यांकन किया गया। विशेषज्ञों की टीम ने बच्चों की स्थिति और जरूरतों का परीक्षण कर उन्हें उपयुक्त सहायक उपकरणों के लिए चिन्हित किया। दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड तैयार करने की प्रक्रिया भी शिविर में संपन्न की गई, जिससे पात्र बच्चों को शासकीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिल सकेगी।
शिविर में एलिम्को कानपुर की टीम, जिला अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों, मनोविकास केंद्र सेदरी के मनोरोग विशेषज्ञों, समाज कल्याण विभाग, समग्र शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने समन्वित रूप से सहयोग दिया। शिविर में 12 डॉक्टरों की टीम और 32 टीचिंग स्टाफ की सहभागिता रही। बच्चों के पालक एवं अभिभावक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। शिविर के सफल आयोजन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती विमित्रा घृतलहरे, एपीसी श्री लेखराम साहू एवं श्री प्रदीप उपाध्याय, श्री तीरथ प्रसाद, बीआरसी श्री सूर्यकांत उपाध्याय, बीआरपी श्री संजीव सक्सेना एवं श्रीमती प्रिया यादव तथा स्पेशल एजुकेटर श्री कौशल पात्रे एवं श्री अरुण कुमार बघेल (मुंगेली, लोरमी एवं पथरिया) सहित शिक्षकों और कार्यालयीन स्टाफ शामिल रहे।

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