कहीं पेड़ की छांव तो कहीं पंचायत भवन

सुकमा, 15 अप्रैल 2026/sns/- छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप, सुकमा जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में मंगलवार को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशानुसार इन सभाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास में पारदर्शिता लाना और अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करना है। इस बार की ग्राम सभाएं इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनमें “ग्राम सभा निर्णय“ मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्णयों की वीडियो रिकॉर्डिंग अपलोड की जाएगी और “सभासार“ पोर्टल के जरिए ए.आई. आधारित कार्यवाही विवरण तैयार किया जाएगा, जो जिले के पंचायती राज व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विकास कार्यों का लेखा-जोखा और पशु प्रबंधन पर विशेष जोर
कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इन बैठकों के एजेंडे में पिछले कार्यों की प्रगति रिपोर्ट से लेकर आगामी वित्तीय वर्ष के बजट और कर निर्धारण तक के गंभीर विषयों को शामिल किया गया। विशेष रूप से, सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए “रोका-छेका“ और आवारा पशुओं के प्रबंधन पर कड़े फैसले लिए गए। इसके साथ ही, जिले के हर गांव में “पंचायत उन्नति सूचकांक“ (च्च्प् 2.0) का प्रदर्शन किया गया, जिससे ग्रामीणों को अपने गांव की विकास दर और स्वच्छता, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे 9 विषयों पर मिली रैंकिंग की जानकारी मिल सकेगी। “समर्थ पंचायत पोर्टल“ के माध्यम से अब टैक्स वसूली की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन करने की तैयारी है, जिससे पंचायतों के राजस्व में पारदर्शिता आएगी।
सामाजिक सरोकार और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
प्रशासनिक कार्यों के अलावा, ये ग्राम सभाएं मानवीय सरोकारों का केंद्र भी बनी। बड़ी संख्या में ग्रामीण ग्रामसभा में पहुंचे। बैठक के दौरान टी.बी. मुक्त भारत अभियान, पोषण और स्वच्छता के लिए “सम्पूर्णता अभियान 2.0“ के तहत घर-घर भ्रमण कर वंचित लाभार्थियों की पहचान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, नामांतरण-बंटवारा के लंबित मामलों, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, मुक्तिधामों की साफ-सफाई और जरूरतमंदों को खाद्यान्न वितरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर तत्काल निराकरण के प्रयास किए गए।

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