नियद नेल्लानर 2.0 योजना बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर अभियान का किया जाए प्रभावी क्रियान्वयन कलेक्टर श्री आकाश छिकारा
जगदलपुर 15, अप्रैल 2026/ sns/-कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियद नेल्लानर 2.0 योजना, बस्तर मुन्ने के तहत योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाना और स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। इसके साथ ही कलेक्टर ने जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।z उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार का विस्तार करते हुए नियद नेल्लानर 2.0 योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिलों के प्रत्येक ग्राम तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना है जिसमें 31 व्यक्तिमूलक योजनाओं का सेच्युरेशन, 14 सामुदायिक सुविधाएं का सेच्युरेशन, 10 वांछनीय योजनाओं में अधिकतम संभव लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अलावा “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम एनसीएईआर सर्वेक्षण के परिणामों के आधार पर व्यक्तिमूलक योजनाओं का सेच्युरेशन किया जा रहा है। उक्त सेच्युरेशन के प्रयास को गति देने तथा ग्रामीणों को योजना का लाभ त्वरित गति से पहुंचाने हेतु ष्बस्तर मुन्ने ष् कार्यक्रम आयोजित किया है। शासन की योजनाओं के लाभ से छुटे हुए ग्रामीणों को व्यक्तिमुलक योजनाओं एवं सामुदायिक कार्यों का लाभ प्रदान करने हेतु माह अप्रैल से तीन स्तरो (ग्राम पंचायत स्तर,क्लस्टर स्तर, विकासखण्ड स्तर) पर शिविर आयोजित करने की कार्य योजना है ।
कलेक्टर ने कहा कि स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक दो दिन में शिविरों का निरीक्षण करें तथा घर-घर स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने की गतिविधियों का नियमित परीक्षण करें। अभियान के दौरान आधार कार्ड धारकों की आभा आईडी में एंट्री अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए।उन्होंने गर्मी के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस एवं आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वस्थ बस्तर अभियान को सफल बनाने के साथ ही मूल संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए ।
बैठक में मनरेगा, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, मातृ वंदना योजना, पीएम आवास (शहरी) सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। श्रमिकों के लेबर पंजीयन एवं महिलाओं के अधिकाधिक पंजीयन पर विशेष जोर दिया गया। जिले के अविद्युतीकृत गांवों की जानकारी, इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति तथा धान उपार्जन केंद्रों से धान उठाव की दैनिक रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत पांडुलिपि संग्रहण, तथा मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना की प्रगति पर भी चर्चा की गई। डीफ अकाउंट और इनऑपरेटिव अकाउंट की राशि को शासकीय खातों में जमा करने, पीडीएस भंडारण तथा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के आईडी कार्ड निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत विशेष कैंप लगाकर अधिक से अधिक लोगों की जांच की जाए। साथ ही जिन स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी केन्द्रों के पास आधार कार्ड है लेकिन अपार आईडी नहीं हैं, उनके दस्तावेज शिविर के माध्यम से पूर्ण कराए जाएं।
बैठक में कलेक्टर ने पीएमश्री स्कूलों, राजस्व प्रकरणों, खाद्य एवं बीज भंडारण तथा जिला स्तर पर वर्ष 2030 के विकास प्लान पर भी चर्चा की गई। वृक्षारोपण (प्लांटेशन) योजना को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के लिए ऑफलाइन आवेदन भी सुनिश्चित कराए जाएं। कृषि, मत्स्य पालन, पशुधन, शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं जाति प्रमाण पत्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग में रिक्त पदों की भर्ती तथा स्कूल शिक्षा विभाग के भवन निर्माण कार्यों को गर्मी के अवकाश अवधि में पूर्ण करने पर जोर दिया गया।
मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विशेष पहल करते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जो 4-5 गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करेंगे। एनआरसी में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम के तहत सघन जांच के निर्देश दिए गए। अंत में एलडब्ल्यूई (वामपंथी उग्रवाद प्रभावित) क्षेत्रों में पुनर्वासित लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।