बैकयार्ड कुक्कुट पालन से मणिशंकर ध्रुव बने आत्मनिर्भर

मुंगेली, 29 अप्रैल 2026/sns/-ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना से मणिशंकर ध्रुव को अत्मनिर्भरता का साधन मिल गया है। योजना के तहत प्राप्त चूजों से उन्हें पोषण के साथ आय का जरिया मिल गया है। विकासखण्ड लोरमी के ग्राम दादनकापा के निवासी मणिशंकर ध्रुव ने इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि परिवार के पोषण स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार किया है। मणिशंकर ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया था, जिसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 90 प्रतिशत अनुदान पर मात्र 300 अंशदान तथा अन्य वर्गों के हितग्राहियों को 75 प्रतिशत अनुदान पर 750 जमा करना होता है। विभागीय स्वीकृति के बाद उन्होंने निर्धारित अंशदान राशि जमा की, जिसके पश्चात उन्हें 28 दिवसीय 45 रंगीन चूजे प्रदान किए गए।
छह माह के भीतर ही इन चूजों ने अच्छे से विकास किया। तैयार हुए मुर्गों को बेचकर मणिशंकर ध्रुव ने लगभग 13 हजार रूपए की आय अर्जित की। वहीं मुर्गियों से प्रतिदिन 10 से 12 अंडों का उत्पादन होने लगा, जिन्हें स्थानीय बाजार में बेचकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना की खासियत यह है कि इसमें अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता नहीं होती। मुर्गियों का पालन घर के आंगन में ही किया जा सकता है और उनके भोजन की व्यवस्था घर के किचन वेस्ट से ही हो जाती है। इससे लागत कम और मुनाफा अधिक होता है। मणिशंकर ध्रुव ने कहा कि इस योजना ने उन्हें स्वरोजगार का माध्यम दिया है। अब वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहे हैं। साथ ही, अंडों के नियमित सेवन से परिवार को बेहतर पोषण भी मिल रहा है।

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