सरगुजा जिले में पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य को मिली गति

अम्बिकापुर, 23 मई 2026/sns/-   कलेक्टर एवं ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के जिला समिति के अध्यक्ष श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत सीईओ एवं समिति के सदस्य सचिव श्री विनय अग्रवाल के निर्देशन में जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए ‘ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण‘ अभियान जारी है। जिसके अंतर्गत जिले में प्राचीन एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है। अभियान के तहत जिले में विभिन्न ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है।

सरगुजा जिले में पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य में लगातार गति देखने को मिल रही है। इसी क्रम में अलग-अलग संरक्षकों के घर पहुँचकर दुर्लभ पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया गया। पुरखों की अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में कार्य करते हुए श्री रमाशंकर त्रिपाठी द्वारा संरक्षित उनके बाबा द्वारा लिखित “नवग्रह कवच” पांडुलिपि का सर्वेक्षण किया गया। यह कार्य एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के रिसर्च एसोसिएट श्री हरनेक सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इसी क्रम में विकासखंड सीतापुर के ग्राम राधापुर निवासी श्री बालमकुन्द प्रधान के यहां भी पांडुलिपि सर्वेक्षण किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पांडुलिपि उनके दादा-परदादा श्री देवनन्दो प्रधान द्वारा संरक्षित रखी गई थी, जो सीतापुर क्षेत्र में प्राप्त हुई है। यह पांडुलिपि “हनुमान ज्योतिष” से संबंधित है।पांडुलिपि को श्री सुनील मिश्रा ने “ज्ञान भारतम्” आईडी के माध्यम से सफलतापूर्वक जियो-टैग एवं अपलोड किया।

पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के माध्यम से क्षेत्र की विलुप्तप्राय ज्ञान परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान पांडुलिपि की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर चर्चा की गई।

About The Author