सुशासन तिहार बना त्वरित समाधान का प्रभावी मंच 405 का निराकरण
मुंगेली, 05 जून 2026/sns/- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार-2026 जिले में आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन की संवेदनशीलता, तकनीक और तत्परता के समन्वय से आमजनों की समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा रहा है। यह अभियान शासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इसी कड़ी में राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन, खाता विभाजन, फौती नामांतरण, नक्शा बंटांकन, त्रुटि सुधार, ऋण पुस्तिका निर्माण एवं अन्य राजस्व मामलों का शिविरों में ही निराकरण कर लोगों को बड़ी राहत प्रदान की गई।
जिले के छह तहसीलों मुंगेली, पथरिया, लोरमी, लालपुर थाना, सरगांव और जरहागांव में आयोजित शिविरों के दौरान सैकड़ों आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 405 मामलों का निराकरण कर आवेदकों को तत्काल लाभ पहुंचाया गया। सबसे अधिक आवेदन अन्य शिकायतों एवं मामलों, फौती नामांतरण, एग्रीस्टैक पोर्टल, ऋण पुस्तिका तथा सीमांकन से संबंधित रहे। सुशासन तिहार के दौरान कई ऐसे मामलों का समाधान किया गया, जिनका वर्षों से निराकरण नहीं हो पा रहा था। ग्राम खम्हरिया के रोहित पात्रे और पौनी के राजकुमार सिंह के खाता विभाजन प्रकरण का मौके पर निराकरण कर दिया गया, जिससे भूमि संबंधी विवाद समाप्त हुआ। वहीं ग्राम दाबो के कलम प्रसाद के फौती नामांतरण प्रकरण का त्वरित निराकरण होने से वारिसानों को खाद, बीज एवं बैंक ऋण प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
पथरिया तहसील के ग्राम मोहभट्ठा निवासी अशोक कुमार को सीमांकन कार्य पूरा होने से भूमि की स्पष्ट जानकारी मिली, जबकि ग्राम परसदा के व्यास नारायण को नई ऋण पुस्तिका एवं ऑनलाइन नक्शा बटांकन की सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई गई। लालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम खपरीडीह निवासी वीरेन्द्र कुमार साहू को शिविर में ही नक्शा बटांकन एवं किसान किताब उपलब्ध कराई गई। वहीं ग्राम परसकापा के लक्ष्मण दिवाकर के भूमि नक्शे का ऑनलाइन विभाजन कर डिजिटल रिकॉर्ड अद्यतन किया गया। सरगांव और लोरमी तहसीलों में भी डिजिटल ऋण पुस्तिका, ऑनलाइन नक्शा सुधार और फौती नामांतरण जैसे मामलों का त्वरित निराकरण कर सुशासन का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया गया।
राजस्व अभिलेखों के अद्यतन होने से किसानों को खाद-बीज वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, बैंक ऋण एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिली है। शिविरों के माध्यम से ऋण पुस्तिका, नामांतरण एवं सीमांकन जैसे कार्य मौके पर होने से किसानों का समय, धन और श्रम बचा है। राजस्व अधिकारियों के अनुसार खाता विभाजन, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामलों के त्वरित निराकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों और न्यायालयीन प्रकरणों में कमी आएगी। डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी और जनहितैषी बनाया जा रहा है।